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अब भी पुराने ढर्रे पर चल रहा है रेजीडेंशियल सेक्टर : माईगेट सह-संस्थापक

नई दिल्ली, 5 दिसम्बर (आईएएनएस)| गेटबंद परिसरों में मोबाइल आधारित सिक्योरिटी सिस्टम -माईगेट के सह-संस्थापक अभिषेक कुमार का कहना है कि रेजीडेंशियल सेक्टर की सुरक्षा में प्रौद्योगिकी का दखल आज भी कम ही है और इसका आधुनिकरण किया जाना समय की मांग हो गया है।

सिक्योरिटी सिस्टम माईगेट ने हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) दिल्ली में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।

माईगेट पहले ही एनसीआर के गुरुग्राम में 8,000 से ज्यादा घरों की सुरक्षा कर रहा है। इसका दायरा हर सप्ताह बढ़ता ही जा रहा है। माईगेट की सुरक्षा का इस्तेमाल करने वाले दिल्ली-एनसीआर की प्रमुख कम्युनिटीज में डीएलएफ क्रेस्ट, डीएलएफ मग्नोलियाज, अरालियाज, एमार पाम स्प्रिंग्स और सुपरटेक केपटाउन शामिल हैं।

माईगेट एक मोबाईल ऐप आधारित सिस्टम है, जो गेटेड समुदायों को सहज एवं विस्तृत समाधान प्रदान करता है, ताकि वो प्रवेश एवं निकास द्वारों के समस्त कार्य संभाल सके। यह गार्डो के मैन्युअल कामों को डिजिटलाईज व ऑटोमेटेड कर देता है।

अभिषेक ने फोन पर दिए साक्षात्कार में आईएएनएस से कहा, “इस समाधान में सिक्योरिटी गार्ड के लिए एक एंड्रॉएड ऐप एवं नागरिकों के लिए एक एंड्रॉएड या आईओएस ऐप है, तथा नॉन स्मार्टफोन यूजर्स के लिए आईवीआर कॉल पर फॉलबैक होता है। इस सिस्टम द्वारा सभी प्रवेश द्वार एवं निकास द्वार डिजिटल रूप से लॉग एवं स्वीकृत होंगे, तथा इसकी पूर्ण विजिबिलिटी एवं नियंत्रण रहवासियों के पास होगा।”

उन्होंने कहा, “इस एप के तहत आवासीय परिसरों में आने वाले कपड़े धुलने वाले, साफ-सफाई करने वाले, प्रोवीजन वाले आदि दैनिक कर्मियों के लिए उनका कोड जनरेट कर दिया जाएगा जिसे उन्हें हर बार आने पर गेट पर बैठे गार्ड को बताना होगा। इसके बाद गार्ड उस कोड को अपने फोन में माईगेट एप में एंटर करेगा जिसके बाद उक्त कर्मी की संपूर्ण जानकारी गार्ड के मोबाइल पर आ जाएगी। इसके बाद गार्ड के एप्रूव करते ही कर्मी के आने का संदेश उस रेजीडेंट्स के फोन पर पहुंच जाएगा जिनके यहां कर्मी को काम करने जाना था। इससे नागरिकों में सुरक्षात्मक निश्चिंतता होगी।”

2016 के अंत लॉन्च होने के बाद, माईगेट भारत के 5 सर्वोच्च मेट्रो शहरों में 1200 कम्युनिटीज के 3,00,000 घरों को सुरक्षा प्रदान कर रहा है। माईगेट ने वर्तमान निवेशक, प्राईम वेंचर पार्टनर्स के नेतृत्व में हाल ही में 65 करोड़ रुपये के सीरीज ए फंड एकत्रित किए। यह कंपनी अगले 6 महीनों में एनसीआर में 300,000 घरों को सुरक्षा प्रदान करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

इस स्टार्टअप का संचालन एक मजबूत संस्थापक टीम करती है, जिसमें पूर्व आईएएफ पायलट तथा शौर्य चक्र विजेता विजय अरिसेट्टी, गोल्डमैन सैश्स के पूर्व वीपी अभिषेक, आईआईटी-आईएसबी एलुमनी श्रेयांस डागा शामिल हैं।

अभिषेक ने कहा, ” दिल्ली में हमारी उपस्थिति बहुत जरूरी थी। इसे लेकर माईगेट उत्साहित हैं। हमें मालूम है कि एनसीआर में सुरक्षा चिंता का विषय है और एनसीआर में हमारे ऑपरेशन प्रारंभ करना हमारी पहली प्राथमिकता थी। हमारे अनुमान के अनुसार एनसीआर में 5000 से अधिक गेटेड समुदाय हैं, जो माईगेट का क्रियान्वयन कर तत्काल फायदे अर्जित कर सकते हैं।”