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दिल्ली में कांग्रेस का अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन, कई सीटों पर जमानत बचाना मुश्किल

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों में आम आदमी पार्टी एक बार फिर सरकार बनाती हुई दिखाई दे रही है। 70 विधानसभा वाली सीटों में आम आदमी पार्टी 58 सीटों पर आगे चल रही है तो वहीँ भाजपा 12 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। भले ही बीजेपी को इस चुनाव में करारी हार मिली है लेकिन उसका प्रदर्शन पिछली बार के मुकाबले अच्छा है। 2015 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 32 प्रतिशत वोट मिले थे जबकि इस बार बीजेपी को 43 प्रतिशत से ज्यादा वोट मिले हैं। कांग्रेस की बात की जाए तो पिछली बार की तरह इस बार भी उसका खाता नहीं खुला है। इतना ही नहीं कांग्रेस 2020 के चुनाव में 6 फीसदी वोट भी हासिल करती हुई भी नहीं दिख रही है।

दोपहर एक बजे तक सामने आए रुझानों में कांग्रेस को सिर्फ 4.5 फीसदी वोट ही मिला है। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को दिल्ली में 22 फीसदी वोट मिले थे और वह बीजेपी के बाद राज्य में दूसरे नंबर की पार्टी बन गई थी। लेकिन 15 साल तक दिल्ली की सत्ता में राज करने वाली पार्टी 2015 की तुलना में 5 फीसदी वोट कम पाती हुई दिखाई दे रही है। कांग्रेस को 2015 में 9।5 फीसदी वोट मिले थे, जबकि 2013 में कांग्रेस करीब 25 फीसदी वोट पाकर तीसरे नंबर पर रही थी।

कांग्रेस के तमाम बड़े चेहरे जमानत बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अरविंदर सिंह लवली, हारून यूसुफ, मतीन अहमद खान, अलका लांबा, राजेश लिलोठिया, अशोक वालिया सभी बड़े चेहरे तीसरे नंबर पर चल रहे है। सिर्फ बादली सीट ऐसी है जहां पर कांग्रेस उम्मीदवार देवेंद्र यादव दूसरे नंबर पर हैं। इस सीट के अलावा बाकी किसी भी सीट पर कांग्रेस दूसरे नंबर पर नहीं है।