गाजीपुर: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में मोहम्मदाबाद क्षेत्र के पडैनिया गांव में कारगिल शहीद रामदुलार यादव की 27वीं पुण्यतिथि मनाई गई। कार्यक्रम में मऊ सदर से विधायक अब्बास अंसारी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। उन्होंने शहीद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और देश की रक्षा के लिए दिए गए उनके बलिदान को नमन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अब्बास अंसारी ने मंच से अपना परिचय देते हुए अपने पिता और पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “मैं मऊ का विधायक और मुख्तार अंसारी का बेटा अब्बास अंसारी हूं। उनका लहू मेरी रग-रग में दौड़ रहा है। अब्बास अंसारी ने आगे कहा कि जब भी जरूरत हो, उन्हें याद किया जाए। उन्होंने अपने जेल जाने का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें भी चार साल के लिए जेल भेजा गया, लेकिन वह डरे नहीं और मजबूत होकर लोगों के बीच वापस आए।
‘गाजीपुर की धरती वीरों की धरती’
अब्बास अंसारी ने कहा कि गाजीपुर की धरती वीरों की धरती रही है। शहीद रामदुलार यादव ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि जिले के शायद ही किसी गांव का ऐसा परिवार होगा, जिसने देश की सेवा के लिए अपना बेटा न भेजा हो। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “मेरा समय खराब चल रहा है, तो आपका भी खराब ही चल रहा है, लेकिन समय जल्द बदलेगा।”
2022 में मऊ सदर से जीते थे चुनाव
अब्बास अंसारी ने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मऊ सदर सीट से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के टिकट पर चुनाव जीता था। उस समय SBSP ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में विधानसभा चुनाव लड़ा था।
2025 में बहाल हुई थी विधानसभा सदस्यता
2022 के एक हेट स्पीच मामले में निचली अदालत ने अब्बास अंसारी को दो साल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी। बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद यूपी विधानसभा सचिवालय ने 8 सितंबर 2025 को उनकी सदस्यता बहाल कर दी थी। इसके साथ ही मऊ सदर सीट पर प्रस्तावित उपचुनाव की स्थिति भी समाप्त हो गई थी।




