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मप्र : झांसी के 2 तस्करों से बेशकीमती मूर्तियां व कलाकृति बरामद

भोपाल, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)| मध्यप्रदेश के विशेष कार्य बल (एसटीएफ ) ने झांसी-ग्वालियर मार्ग पर दो बेशकीमती मूर्तियों और एक कलाकृति के साथ दो तस्करों को पकड़ने में सफलता पाई है।

दोनों आरोपियों के भारतीय जनता पार्टी से करीबी रिश्ते बताए जाते हैं। एसटीएफ की ओर से गुरुवार को जारी विज्ञप्ति में बताया गया है, बुधवार की रात मुखबिर की सूचना पर एसटीएफ भोपाल के दल ने झांसी-ग्वालियर मार्ग के चिरुला नाके पर पुरातत्व महत्व की दो मूर्तियों और कलाकृति के साथ प्रवीण अग्रवाल और राजेंद्र राजपूत को पकड़ा, वे जायलो वाहन से ग्वालियर की तरफ जा रहे थे।

एसटीएफ के मुताबिक, एक मूर्ति काले रंग की धातु की भगवान पाश्र्वनाथ की पद्मासन की मुद्रा में है। इसका वजन 5़291 किलोग्राम है, ऊंचाई 20़5 सेंटीमीटर है। वहीं दूसरी मूर्ति रंगीन धातु की खड़ी स्थिति में है। इस मूर्ति की आंखें सफेद, माथे पर त्रिपुंड, चार हाथ, दो हाथ में गदा, व दो में फूल है। इस मूर्ति का वजन 4़756 किलो ग्राम है और ऊंचाई 35 सेंटीमीटर है।

एसटीएफ ने आगे बताया, प्रवीण के पास से एक बेशकीमती कलाकृति बरामद की गई, यह कलाकृति घुड़सवार की है। इसकी लंबाई 38.2 और चौड़ाई 31़ 1 सेंटीमीटर है। इस पेंटिंग के पीछे लिखी इबारत में तारीख 1 मई, 1931 दर्ज है।

एसटीएफ ने आशंका जताई है, यह मूर्तियां और कलाकृति किसी स्थान से चुराई गई हैं, और पकड़े गए दोनों आरोपी इन्हें अंतर्राष्ट्रीय तस्करों को बेचने की फिराक में थे। इनका अन्य मूर्ति चोर गिरोह से नाता होने की आशंका है।

सूत्रों का दावा है कि मूर्ति और कलाकृति की तस्करी के आरोप में पकड़े गए दोनों आरोपियों का भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से रिश्ता है। साथ ही एक तो भाजपा के नेता का करीबी रिश्तेदार भी है। एसटीएफ ने एक भाजपा नेता को भी पकड़ा था, मगर उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के नेताओं के दबाव में उसे भोपाल के रास्ते में ही छोड़ दिया।

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