उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के 9 साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार नरेंद्र मोदी के विजन को साकार करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि योजनाओं का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश के हर गांव तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का काम तेजी से किया जा रहा है। इस दिशा में केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय से योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के 1,05,000 से अधिक राजस्व गांवों में से 10 हजार से ज्यादा गांवों में पाइपलाइन के जरिए पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। साथ ही, सभी एजेंसियों और ठेकेदारों को काम पूरा होने के बाद 10 साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी भी दी गई है। सीएम योगी ने यह भी बताया कि पहले 85 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में पेयजल की कोई ठोस व्यवस्था नहीं थी और लोग हैंडपंप, तालाब या नदियों पर निर्भर थे। प्रदूषित पानी के कारण कई बीमारियां फैलती थीं और असमय मौतों के मामले भी बढ़ते थे।
उन्होंने पूर्वी उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां इन्सेफेलाइटिस से हर साल हजारों लोगों की मौत होती थी। सरकार ने एआई टूल्स के जरिए डेटा विश्लेषण किया, जिससे पता चला कि इन मौतों के पीछे गंदा पानी और खुले में शौच मुख्य कारण थे।
मुख्यमंत्री के अनुसार, अब शुद्ध पेयजल और शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने से हालात में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने दावा किया कि जिन क्षेत्रों में 40 साल में 50 हजार से ज्यादा मौतें हुई थीं, वहां पिछले 5 साल में मौतों का आंकड़ा शून्य तक लाने में सफलता मिली है। सीएम योगी ने इस उपलब्धि का श्रेय स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं को दिया, जिनका उद्देश्य हर घर तक शौचालय और नल का पानी पहुंचाना है।




