लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्चुअल माध्यम से आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यूपी सरकार की ‘ट्रेस, टेस्ट एंड ट्रीट’ की नीति प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रोकथाम में सफल सिद्ध हो रही है। जनपद लखीमपुर खीरी, जौनपुर तथा गाजीपुर में भी कोरोना संक्रमण के मामले 600 से कम हो गए हैं। इन जनपदों में कल 02 जून, 2021 की सुबह 7ः00 बजे से आंशिक कोरोना कर्फ्यू में छूट दी जाएगी। इससे आंशिक कोरोना कर्फ्यू से छूट वाले जनपदों की संख्या 64 हो जाएगी:
उन्होंने कहा कि पॉजिटिविटी दर में लगातार कमी तथा रिकवरी दर में निरन्तर वृद्धि से प्रदेश में कोविड संक्रमण के मामलों में तेजी से कमी आई है।इसके दृष्टिगत 600 से कम एक्टिव केस वाले 61 जनपदों में आंशिक कोरोना कर्फ्यू में 01 जून की सुबह 07 बजे से ढील दी गई है। जिन जनपदों में कोरोना के सक्रिय केस की संख्या 600 से अधिक है, वहां फिलहाल कोई छूट अनुमन्य नहीं होगी। इन जनपदों में कोरोना संक्रमण के एक्टिव मामलों की कुल संख्या 600 से कम हो जाने पर इन जनपदों में भी आंशिक कोरोना कर्फ्यू से छूट स्वतः लागू हो जाएगी। यदि किसी जनपद में, जिसमें आंशिक कोरोना कर्फ्यू से छूट दी जा रही है, कोरोना के एक्टिव केस 600 से अधिक हो जाते हैं, तो सम्बन्धित जनपद में दी गई छूट समाप्त हो जाएगी तथा अनुमन्य समस्त गतिविधियां पुनः प्रतिबंधित हो जाएंगी।
सीएम योगी ने कहा कि किसी भी स्थान पर भीड़ न होने दी जाए। पब्लिक एड्रेस सिस्टम तथा पी.आर.वी. के वाहनों के पब्लिक एड्रेस सिस्टम का इस्तेमाल करते हुए लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव के सम्बन्ध में लगातार जागरूक किया जाए। आंशिक कोरोना कर्फ्यू से छूट वाले जनपदों में भीड़-भाड़ की आशंका वाले तथा महत्वपूर्ण स्थलों जैसे बाजारों, सब्जी, फल, गल्ला मण्डी, चौराहों आदि पर पुलिस द्वारा निरन्तर पेट्रोलिंग की जाए। आंशिक कोरोना कर्फ्यू में छूट शाम 07 बजे तक के लिए दी गई है। पुलिस द्वारा शाम 07 बजे से आंशिक कोरोना कर्फ्यू को पुनः लागू कराने के लिए कार्यवाही शाम 06 बजे से ही प्रारम्भ कर दी जाए।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी दुकानों पर क्रेता व विक्रेता दोनों द्वारा मास्क का आवश्यक रूप से प्रयोग तथा दो-गज की दूरी का पालन हो। दुकानों पर सैनिटाइजर की व्यवस्था भी रहे। निगरानी समितियों को मेडिसिन किट की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे। बच्चों में वायरल बुखार आदि में उपयोग हेतु मेडिसिन किट शीघ्र निगरानी समितियों को उपलब्ध कराई जाए। निगरानी समितियों द्वारा प्रत्येक लक्षण युक्त एवं संदिग्ध संक्रमित व्यक्ति को मेडिकल किट उपलब्ध कराई जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी जरूरतमंद व्यक्तियों को मेडिसिन किट उपलब्ध हो जाए। इस कार्य में कोई शिथिलता नहीं बरती जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ब्लैक फंगस के संक्रमण से प्रभावित सभी मरीजों को दवा उपलब्ध कराई जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी जनपदों में ब्लैक फंगस की दवाओं की उपलब्धता रहे। ब्लैक फंगस के उपचार के संबंध में वैकल्पिक दवाओं की भी व्यवस्था की जाए। कोविड-19 के संक्रमण से मुक्त विभिन्न लोगों में अनेक कॉम्प्लिकेशंस देखने में आ रहे हैं। इन मरीजों के उपचार की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पोस्ट कोविड वार्ड बनाए जाएं। सभी मेडिकल कॉलेजों तथा जिला अस्पतालों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पीडियाट्रिक ICU (पीकू) तथा नियोनेटल ICU (नीकू) के निर्माण की कार्यवाही युद्धस्तर पर की जाए।




