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दिल्ली-देहरादून हाईवे पर कानून ताक पर रखकर घूम रहे बदमाश, 48 घंटों में दो घटनाओं को दिया अंजाम

उत्तर प्रदेश में दिल्ली-देहरादून हाईवे पर सफर खौफ भरा और असुरक्षित हो गया है। पिछले 48 घंटे की अवधि में जनपद में छपार व मंसूरपुर क्षेत्र में हुई शूटआउट की दो घटनाओं ने लोगों के दिल में खौफ पैदा कर दिया है। हाईवे पर घूम रहे बेखौफ बदमाश न थाना देख रहे हैं और न ही दिन का उजाला, कहीं भी, किसी को भी, कभी भी रोका और कर दी सीधे ताबड़तोड़ फायरिंग। दो लगातार घटनाओं ने लोगों के जेहन में सांप्रदायिक हिंसा के बाद हुई साइलेंट वॉर की कड़वी यादें ताजा कर दी हैं।

दिल्ली-देहरादून हाईवे पर छपार थाने से महज डेढ़ किलोमीटर दूर दिनदहाड़े शहर के मोहल्ला खालापार निवासी डॉ. अजय गोयल के इकलौते बेटे अर्पित गोयल को चार गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया। प्रथम दृष्टया जांच में युवक के साथ किसी तरह की लूटपाट की पुष्टि नहीं हुई है, बस युवक का मोबाइल गायब है। पुलिस अभी इस घटना की तह तक भी नहीं पहुंच पाई थी कि बुधवार देर रात हाईवे पर मंसूरपुर थाने से बमुश्किल सौ मीटर की दूरी पर उड़ीसा राज्य निवासी दो युवकों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी गई। इसमें नरेश की मौत हो गई, उसका साथी सुदर्शन भी गंभीर घायल है।

पिछले 48 घंटे के भीतर हाईवे पर शूटआउट की दो लगातार घटनाओं ने जनपद के लोगों को खौफजदा कर दिया है। इसके साथ ही इन घटनाओं ने वर्ष 2013 की सांप्रदायिक हिंसा के बाद चले साइलेंट वॉर के दौर को भी ताजा कर दिया है। गौरतलब है कि साइलेंट वॉर की घटना में जनपद में 20 से अधिक लोगों की हत्या की गई थी। उस समय कहीं भी और कभी भी राह चलते लोगों को अकारण गोली मार दी जाती थी, जिससे लोग शाम होने के बाद शहर की सड़कों पर निकलने से घबराने लगे थे। घटना में पूरा गैंग पकड़ा गया था। जो दंगे में मारे गए दूसरे वर्ग के लोगों के बदले में एक वर्ग के लोगों को चिह्नित कर निशाना बना रहा था।

वहीं अब एक बार फिर से 48 घंटे के भीतर हाईवे पर हुई शूटआउट की दो घटनाओं ने लोगों में अजीब सा खौफ भर दिया है, जिससे उबारने के लिए पुलिस-प्रशासन को जल्द से जल्द इन घटनाओं का खुलासा करना होगा।

 

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