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गलवान घाटी पर चीन से लड़ते हुए शहीद संतोष बाबू को मरणोपरांत महावीर चक्र से किया गया सम्मानित

दिल्लीः लद्दाख सेक्टर स्थित गलवान घाटी में चीनी सेना का डटकर मुकाबला करने वाले कर्नल संतोष बाबू को मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को हुए कार्यक्रम में यह सम्मान उनकी मां और पत्नी को सौंपा। कर्नल संतोष बाबू गलवान घाटी में ऑब्जर्वेशन पोस्ट पर तैनात थी, उसी समय चीनी सेना ने भारत पर हमला किया, जिसके बाद संतोष बाबू ने आगे बढ़कर दुश्मन का सामना किया और देश के लिए शहीद हो गए।

सूबेदार संजीव कुमार को मिला कीर्ति चक्र

पैरा स्पेशल फोर्स के सूबेदार संजीव कुमार को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान जम्मू-कश्मीर में एक ऑपरेशन के लिए मिला। इसमें उन्होंने एक आतंकवादी को मार गिराया और दो को घायल कर दिया। आतंकियों से लड़ते हुए वे शहीद हो गए।

सूबेदार नुदुराम सोरेन को वीर चक्र 

गलवान घाटी में ऑपरेशन स्नो लेपर्ड के दौरान चीन की सेना से डटकर मुकाबला करने और वीरता दिखाने के लिए सूबेदार नुदुराम सोरेन को वीर चक्र से सम्मानित किया गया, उनकी पत्नी ने राष्ट्रपति के हाथों सम्मान ग्रहण किया।

हवलदार के पलानी की वीरता को भी वीर चक्र

गलवान घाटी में चीनी सेना का वीरता से मुकाबला करने और दुश्मन की सेना को पीछे खदेड़ने के लिए हवलदार के पलानी को भी वीर चक्र दिया गया। मरणोपरांत यह पुरस्कार उनकी पत्नी का को दिया गया।

नायक दीपक सिंह को वीर चक्र

पिछले साल जून में गलवान घाटी पर चीनी सेना के हमले में शौर्य प्रदर्शन करने वाले नायक दीपक सिंह को भी मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया।

सिपाही गुरतेज सिंह को वीर चक्र

चीनी सेना के हमले में वीरतापूर्वक लड़ते हुए शहीद हो जाने वाले सिपाही गुरतेज सिंह को भी वीर चक्र से सम्मानित किया गया।

वायु सेना प्रमुख को मिला परम विशिष्ट सेवा मेडल

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में हुए समारोह में वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल विवेक आर चौधरी को परम विशिष्ट सेवा मेडल प्रदान किया।

हवलदार तेजिंदर सिंह को भी वीर चक्र

गलवान घाटी में चीनी सेना के मंसूबों को ध्वस्त करने व आगे बढ़ने से रोकने के लिए किए गए साहसपूर्ण प्रदर्शन के लिए हवलदार तेजिंदर सिंह को वीर चक्र से सम्मानित किया गया। वह चीनी सैनिकों से तब तक मुकाबला करते रहे, जब तक वह गंभीर रूप से घायल नहीं हो गए।

 

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