भारत के अनुभव से सीखेंगे
दुनिया के दूसरे देशों की तरह नेपाल में भी बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसियां कई साल से प्रचलित हैं। लेकिन इन मुद्राओं की कोई वैधानिक मान्यता नहीं है। जबकि डिजिटल करेंसी देश का केंद्रीय बैंक जारी करेगा। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि यह कोई अलग मुद्रा नहीं होगी। बल्कि वर्तमान मुद्रा का ही यह एक डिजिटल रूप होगा।
चीन से पिछडे अमेरिका और दूसरे देश
नेपाल के सेंट्रल बैंक के आंकड़ों के मुताबिक नेपाल में भी डिजिटल पेमेंट में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 2021-22 में 15 दिसंबर तक नेपाली नागरिकों ने साढ़े 88 अरब रुपये का लेनदेन डिजिटल माध्यमों से किया था। जबकि साल भर पहले इसी अवधि में सिर्फ सवा 30 अरब रुपये का भुगतान इस रूप में किया गया था।




