लखनऊ। यूपी के गोरखनाथ मंदिर हमले के आरोपी अहमद मुर्तजा अब्बासी से यूपी एटीएस लगातार पूछताछ कर रही है। पूछताछ में उसने कई अहम खुलासे किए हैं। पता चला है कि अब्बासी ने वीडियो देखकर जेहाद की ट्रेनिंग ली थी। गोरखनाथ मंदिर पर हमला करने से पहले मुर्तजा ने एक ही वीडियो को 300 बार देखा था। ये वीडियो अबू हमजा का बताया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो ये वीडियो अरब देश में नाटों से लड़ाई के दौरान शूट किया गया है जिसका इस्तेमाल गुरिल्ला युद्ध के लिए मुजाहिदों की ट्रेनिंग में होता है। इसके अलावा वह जाकिर नाइक के वीडियो भी देखता था। इसके अलावा जांच में पता चला है कि मुर्तजा नेपाल जाते वक्त बॉर्डर इलाके में मौजूद मदरसों में भी गया था इसीलिये बॉर्डर एरिया के सभी मदरसों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
आईआईटी बॉम्बे से की केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई
मुर्तजा ने आईआईटी बॉम्बे से केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। पुलिस ने जब उसके घर की तलाशी ली तो वहां से उन्हें एक लैपटॉप और धार्मिक पुस्तकें बरामद हुई हैं। ऐसे में सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या युवक किसी आतंकी संगठन से जुड़ा हुआ था। फिलहाल गोरखनाथ मंदिर में हुए हमले की जांच एटीएस कर रही है। एटीएस ने घटनास्थल का जायजा लिया है। इसके अलावा इस हमले की जांच के लिए एनआईए और आईबी भी लगी है। मुर्तजा सिविल लाइंस में गोरखपुर के रहने वाले मुनीर अहमद का बेटा है। मुर्तजा के परिजन उसे मानसिक रूप से बीमार करार दे रहे हैं। इसके बाद भी धार्मिक नारे लगाते हुए मंदिर के भीतर तक घुसने और जवानों पर हमला मामले को गंभीरता से लिया गया है। इस प्रकार की वारदात को अंजाम देने के लिए किसने प्रेरित किया, यह जानकारी जुटाने की कोशिश जांच एजेंसियां कर रही है। मंदिर की संवेदनशीलता को देखते हुए इस घटना को गंभीर माना जा रहा है। जिस प्रकार से उसने मंदिर के अंदर घुसकर पीएसी के जवानों पर हमला करना शुरू किया, उसके पीछे की वजह को जानना जरूरी हो गया है। ऐसे में यूपी एटीएस की एंट्री और जांच से कई महत्पूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा में सेंध के मामले की जांच कई एजेंसियों के माध्यम से की जा रही है। खुफिया विभाग भी सक्रिय हो गया है। मुर्तजा ने धारदार हथियार से पीएसी जवान गोविंद पर हमला कर उसका राइफल छीनने की कोशिश की। अगर उसके हाथ राइफल लग जाती तब की स्थिति को भी ध्यान में रखा जा रहा है।




