नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा सेना भर्ती के लिए लाई गई अग्निपथ योजना का विरोध अब धीरे धीरे ठंडा पड़ता जा रहा है लेकिन इसके पहले ही छात्र और छात्र के भेष में छुपे दंगाई सार्वजिक संपत्ति को जितना नुक्सान पहुंच सकते थे पहुंचा चुके हैं। अकेले बिहार में ही तीन दिनों में प्रदर्शनकारियों ने रेलवे को तगड़ा नुक्सान पहुंचाया। प्रदर्शनकारियों के रेल के 10 इंजनों और 60 डिब्बों में आग लगाकर उसे स्वाहा कर दिया। इस दौरान रेल के एक डिब्बे में एक प्रदर्शनकारी द्वारा आग लगाने का वीडियो तेजी से वायरल हो गया है। घटना सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन की है। यहां एक युवक ट्रेन के कोच में घुसकर उसमें आग लगाते हुए दिखाई दे रहा है तो दूसरा उसका वीडियो बना रहा है। फिलहाल वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। आपको बता दें की आगजनी और तोड़फोड़ से रेलवे को करीब 700 करोड़ का नुक्सान हुआ है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, एक नॉन एसी आईसीएफ कोच को बनाने में 90 लाख रूपए का खर्च आता है. जबकि एक एसी आईसीएफ कोच को बनाने में 1.5 करोड़ रूपए का खर्च आता है. जबकि एक नॉन एसी एलएचबी कोच को बनाने में 2.25 करोड़ रूपए का खर्च आता है. वहीं एक एसी एलएचबी कोच को बनाने में 3 करोड़ रूपए लग जाते हैं। एक 5 हजार हॉर्स पॉवर तक के इंजन को बनाने का खर्च 15 करोड़ रूपए आता है. जबकि एक 12 हजार हॉर्स पॉवर तक के इंजन बनाने का खर्च 65 करोड़ रूपए आता है. एक सामान्य ट्रेन 24 कोच की होती है. यानी इंजन सहित एक पूरी ट्रेन की कीमत औसतन कम से कम 51 करोड़ रूपए तक होती है।




