ओलंपिक चैम्पियन नीरज चोपड़ा विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरूष बन गए जिन्होंने भालाफेंक स्पर्धा में 88.13 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक जीता. भारत के लिये विश्व चैम्पियनशिप में एकमात्र पदक 2003 में पेरिस में अंजू बॉबी जॉर्ज ने लंबी कूद में कांस्य जीता था . फाउल से शुरूआत करने वाले चोपड़ा ने शानदार वापसी करते हुए दूसरे प्रयास में 82.39, तीसरे में 86.37 और चौथे प्रयास में 88.13 मीटर का थ्रो फेंका.
बता दें कि नीरज ने इस टूर्नामेंट में पदक जीतकर रिकॉर्ड बना दिया . वह इस टूर्नामेंट के इतिहास में ऐसा करने वाले पहले भारतीय पुरुष एथलिट बन गए. उनसे पहले महिलाओं में दिग्गज एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज ने साल 2003 में ऐतिहासिक कांस्य पदक इस टूर्नामेंट में जीतने का कमाल किया था.
नीरज चोपड़ा का पहला थ्रो फाउल रहा था. दूसरे थ्रो में नीरज ने 82.39 मीटर का थ्रो किया तो वहीं तीसरे थ्रो में नीरज ने 86.37 मीटर भाला फेंका. इसके अलावा चौथे प्रयास में नीरज ने 88.13 मीटर भाला फेंककर अपनी स्थिती मजबूत कर ली थी और दूसरे नंबर पर पहुंच गए थे. लेकिन अपने पांचवें राउंड में वो फेल हो गए. उनके थ्रो को फाउल घोषित किया गया. उनका इस प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 88.13 मीटर का रहा. वह दूसरे स्थान पर कायम रहकर सिल्वर मेडल जीतने में सफल रहे हैं.




