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भारत मुसलमानों की पहली मातृभूमि, जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख महमूद मदनी का बयान

नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को कहा था कि भारत को ‘विश्व गुरु’ बनाने के लिए देश में सभी लोगों को सामूहिक रूप से काम करना होगा।

इस पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद असद मदनी ने कहा, देश के सबसे पुराने मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख महमूद मदनी ने शुक्रवार को उन्होंने कहा, “भारत हमारा देश है, जितना ये देश नरेंद्र मोदी और मोहन भागवत का है उतना ही ये देश महमूद का भी है। न महमूद इनसे एक इंच आगे है और न वो महमूद से एक इंच आगे है। साथ ही इस धरती की खासियत यह है कि ये खुदा के सबसे पहले पैगंबर अबुल बशर सैय्यद आदम की जमीन है और कहा कि भारत मुसलमानों की पहली मातृभूमि है।

धरती इस्लाम की जाय पैदाइश

महमूद मदनी ने यह भी कहा कि आप यहीं तशरीफ लाए। ये धरती इस्लाम की जाय पैदाइश है। ये मुसलमानों का पहला वतन है। इसलिए ये कहना, ये समझना और ये बोलना कि इस्लाम बाहर से आया हुआ कोई मजहब है, ये सरासर गलत और तारीखी एतबार से बेबुनियाद है।”

“इस्लाम इसी मुल्क का मजहब है। सारे धर्मों में सबसे कदीम और पुराना मजहब है। इस्लाम के आखिरी पैगंबर हजरत मोहम्मद इसी दीन को मुकम्मल करने के लिए तशरीफ लाए थे। इसलिए मैं वाजे तौर से कहता हूं कि भारत हिंदी मुसलमानों के लिए वतनी और दीनी, दोनों हैसियतों से सबसे अच्छी जगह है।

Reporter- Suraj Awasthi

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BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH