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बागेश्वर धाम में फरियाद लेकर गई महिला 6 महीने से गायब, परेशान पति दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर

रिपोर्ट: जिया उल हक

बागेश्वर धाम में हुई एक महिला की रहस्यमई मौत और पिछले 10 दिनों से लापता चल रहे युवक का जहां एक तरफ पता नहीं चला है तो वहीं दूसरी तरफ चित्रकूट से बाबा के पास अपनी फरियाद लेकर के गई एक महिला पिछले 6 महीने से गायब चल रही है जिसका भी आज तक कोई सुराग नहीं मिला है जिसको लेकर के उसके पति आज भी अपनी पत्नी और परिवार वापस लौटने के इंतजार में नजरें टिकाये बैठे हैं।

जिस दरबार में लाखों लोग अपनी मनोकामनाओ की पूर्ति के लिए अर्ज़ी लगाते हैं, जिस दर से बाबा भूत और भविष्य की मंच से घोषणा कर देते हैं जिस दर से बिना कुछ जाने बाबा सब कुछ बता देते हैं या यूँ कहे कि बाबा जाने मन की बात उसी बाबा के दर से एक परिवार खुशियों को बटोरने के लिए बागेश्वरधाम के संत धीरेन्द्र शास्त्री के दर पर पहुंचा लेकिन बदले में खुशियां नहीं बल्कि गम नसीब हुआ। सोशल मीडिया में बागेश्वर धाम वाले बाबा धीरेन्द्र शास्त्री के हाथो लोगों के दुःख दर्द दूर होता देख चित्रकूट का एक किसान अपनी पत्नी के मानसिक रोग के इलाज और आराम के लिए छतरपुर में बाबा के आश्रम में अर्ज़ी लगाने पहुंचा जहाँ परिक्रमा के दौरान उसकी पत्नी अचानक गायब हो गई जिसको लेकर चित्रकूट के कर्वी कोतवाली अंतर्गत खुटहा गांव निवासी किसान दुर्गा प्रसाद ने पत्नी को हर तरफ ढूंढा लेकिन उनकी पत्नी उन्हें कहीं नहीं मिली, किसान कई बार बाबा के दरबार में अर्ज़ी लगाने पहुंचा लेकिन कर्मचारियों ने उसे मिलने नहीं दिया, जैसे तैसे किसान ने बाबा के दरबार पर अपनी अर्ज़ी लगाई जिसमे बाबा धीरेन्द्र शास्त्री ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा कि आधे घंटे में आपकी पत्नी मिल जायेगी लेकिन दुर्गा प्रसाद को उनकी पत्नी आजतक नहीं मिली।

दुर्गा प्रसाद ने कहा कि पत्नी को खोये अब 6 माह बीत गए लेकिन अभी तक उनकी पत्नी घर नहीं पहुंचीं। दुर्गा प्रसाद ने कहा कि सुना था कि बाबा के दरबार में हर किसी का दुःख दर्द दूर होता है लेकिन मेरी पत्नी का इलाज तो क्या मेरी पत्नी ही मेरे पास अभी नहीं रही, पीड़ित किसान ने कहा कि हमें तो बाबा का सबकुछ ढोंग लगता हैl

पीड़ित ने कहा कि हम जब हर जगह से हार गए तो हमने धीरेन्द्र शास्त्री की माँ से भी मिले उन्होंने भी हमें आश्वासन दिया लेकिन हमारी पत्नी मेड़िया कहीं नहीं मिली, पीड़ित ने कहा कि उनकी माता जी ने कहा कि हम अपने लड़के से पूछकर बता देंगे कि तुम्हारी पत्नी कहा है उनकी माता जी ने हमें 3-4 दिन परेशान किया, पीड़ित की भतीजी ने धीरेन्द्र शास्त्री की माँ से कहा कि माता जी अगर हमारे पास भी सवा पांच किलो सोने का गदा चढाने की अगर हमारी भी क्षमता होती तो तुम्हारा लड़का हमसे भी बिना अर्ज़ी के बात करता जिन्होंने गदा चढ़ाया उनसे आपका बेटा बिना अर्ज़ी के मिलता है हम गरीबो की कोई नहीं सुनता है जो पैसे चढ़ाता है जो सोने का गदा चढ़ाता है सिर्फ उनकी सुनवाई होती है, भावुक होकर पीड़ित पति बोले मेरी पत्नी ज़िंदा होगी तो भटक रही होगी या किसी के घर पर काम कर रही होगी, पीड़ित ने कहा कि बाबा अगर इतने ही अन्तर्यामी होते तो बता देते कि मेरी पत्नी कहा है सबकुछ बकवास है पर्चा पढ़कर जो बता देते हैं बाबा वो सब मेरी नज़र में ढोंग है, मेरी आज तक बाबा से मुलाक़ात नहीं हो पाई, गया था पत्नी को दिखाने और पत्नी ही खो गई, हमने छतरपुर के बमीठा थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई तो वहां थानेदार ने कहा कि अपनी शिकायत वापस ले लो तो तुम्हारी मदद करेंगे.

पीड़ित ने कहा कि अगर हमारी पत्नी मिल जायेगी तो हम यक़ीन कर लेंगे कि बाबा सही है वरना सब ढोंग विद्या है। अब चित्रकूट का यह परिवार पिछले ६ महीने से अपनी खोई मेड़िया के घर वापस आने की आस में तस्वीरें निहारकर एक एक पल सौ साल की तरह बिता रहा है। देखना यह होगा कि जिस बाबा धीरेन्द्र शास्त्री के दर पर लोगो का भला होता है उस दर से क्या एक वृद्ध किसान और पीड़ित पति को उसकी बुढ़ापे की हमराही वापस मिल पाएगी।

 

BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH