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इलाहाबाद HC ने दुष्कर्म पीड़िता की कुंडली की जांच का दिया आदेश, जानें पूरा मामला  

प्रयागराज। उप्र के इलाहाबाद हाई कोर्ट ने लखनऊ विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभाग को दुष्कर्म पीड़िता की कुंडली की जांच का आदेश दिया है। यह आदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति बृजराज सिंह ने आरोपी गोविंद राय उर्फ मोनू के जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए दिया है।

लखनऊ के थाना चिनहट में दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक आरोपी और पीड़िता की शादी पारिवारिक रजामंदी से तय हुई थी। इसी दौरान विवाह से पहले दोनों के बीच मोबाइल पर बातचीत और वीडियो कॉलिंग होने लगी।

इसी दौरान पीड़िता के पिता का देहांत हो गया। इस मौके पर अपनी मां के साथ शोक संवेदना व्यक्त करने आए आरोपी ने शादी का झांसा देकर पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाए और घर वापस लौटने के बाद शादी करने से इन्कार करते हुए पीडि़ता की आपत्तिजनक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने और जान से मारने की धमकी दी थी, जिसके विरूद्ध पीड़िता ने प्राथमिकी दर्ज करवा दी थी, आरोपी को पुलिस ने जेल भेज दिया था।

पारिवारिक रजामंदी से तय हुई थी शादी

उच्च न्यायालय में आरोपी के जमानत प्रार्थना पत्र पर बहस करते हुए आरोपी की अधिवक्ता कहना था कि आरोपी की शादी पारिवारिक सहमति से ही तय होनी थी। दोनो की कुंडली मिलान के लिए एक दूसरे के परिजनों को दी गई थी।

आरोपी के पुरोहित की राय में लड़की की कुंडली में मांगलिक दोष है। जिसके कारण परिजन शादी नहीं करना चाहते हैं, जबकि पीड़िता के अधिवक्ता का दावा है कि पीड़िता की कुंडली में मंगलिक दोष नहीं है।

मामले की सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने कुंडली दोष की निष्पक्ष जांच के लिए प्रश्नगत कुंडली को लखनऊ विश्वविघालय के ज्योतिष विभाग को भेजते हुए तीन सप्ताह में जांच रिपोर्ट को सीलबंद लिफाफे में 26 जून को पेश करने का आदेश दिया है।

BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH