लखनऊ। पूरा उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी से जूझ रहा है। दिन में आसमान से अंगारे बरस रहे हैं तो वहीं रात में भी राहत नहीं मिल रही है। आसमान से आग उगलते धूप का प्रकोप इतना विकराल हो गया है कि अब लोगों की जान मुश्किल में है। अकेले बलिया में गर्मी की वजह से पिछले तीन दिनों में 54 लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में ज्यादातर बुजुर्ग हैं।
इस बारे में अपर स्वाथ्य निदेशक का कहना है कि मरने वालों की संख्या अचानक से बढ़ गई है। क्या कारण है इसकी जांच करने के लिए लखनऊ से टीम आ रही है? जांच के बाद ही पता चलेगा।
निदेशक का कहना है कि हो सकता है ऐसी कोई बीमारी हो जो पकड़ में नहीं आ रही हो। दूसरी बात ये कि गर्मी और जाड़ा जब ज्यादा पडता है तो सांस के मरीज, डायबिटीज के मरीज, बीपी के मरीजों की मौत के आंकड़े बढ़ जाते हैं। ऐसे में गर्मी बढ़ी है, तापमान बढ़ा है तो हो सकता है कि ये उसका असर हो और बीमारियां उभर गई हों और इसके कारण इस तरह मरीजों की मौत की संख्या अचानक बढ़ गई है।
वहीं जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक का कहना है कि जिला अस्पताल के सभी कर्मचारी अलर्ट मोड में है। अब तक बीते तीन दिन में 54 मरीजों की मौत हो चुकी है जबकि तीन दिन में करीब चार सौ मरीज जिला अस्पताल में भर्ती हुए हैं।




