नई दिल्ली। भारत ने आतंकवाद विरोधी कानून यूएपीए के तहत कार्रवाई करते हुए 33 साल के गैंगस्टर लखबीर सिंह उर्फ लांडा को आतंकवादी के रूप में नामित कर दिया है। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, आतंकी लखबीर सिंह उर्फ लांडा सीमा पार से मोहाली में पंजाब स्टेट इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर की इमारत पर रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड के माध्यम से आतंकवादी हमले में शामिल था। इसके साथ ही लांडा पर आतंकी मॉड्यूल को खड़ा करने, जबरन वसूली, हत्याएं, आईईडी लगाने, हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी और पंजाब और देश के अन्य हिस्सों में आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन उपयोग करने के भी आरोप हैं।
गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, आतंकी लखबीर सिंह लांडा कनाडा स्थित खालिस्तान समर्थक संगठन (पीकेई) के साथ भी निकटता से जुड़ा हुआ था, जिसमें मृतक खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ) का आतंकी हरदीप सिंह निज्जर और सिख्स फॉर जस्टिस का आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नून भी जुड़ा था। लखबीर सिंह लांडा पंजाब के तरन तारन जिले का रहने वाला है और फिलहाल वह कनाडा के एडमंटन, अलबर्टा में रहता है।
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, आतंकी लखबीर सिंह उर्फ लांडा सीमा पार से मोहाली में पंजाब स्टेट इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर की इमारत पर रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड के माध्यम से आतंकवादी हमले में शामिल था। वह पंजाब में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए सीमा पार से विभिन्न मॉड्यूलों को इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी), हथियार, परिष्कृत हथियार, विस्फोटकों की आपूर्ति में शामिल रहा है। इसमें कहा गया है कि लांडा आतंकी मॉड्यूल को खड़ा करने, जबरन वसूली, हत्याएं, आईईडी लगाने, हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी और पंजाब और देश के अन्य हिस्सों में आतंकवादी कृत्यों के लिए धन या आय का उपयोग करने से संबंधित विभिन्न आपराधिक मामलों में भी शामिल था। इसके अलावा आतंकी लांडा भारत के विभिन्न हिस्सों में टारगेट किलिंग, जबरन वसूली और अन्य राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल रहा है। खालिस्तानी आतंकवादी लखबीर सिंह लांडा के खिलाफ 2021 में लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था और एनआईए ने उस पर इनाम भी घोषित किया है।




