नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली की राजनीति के बड़े चेहरे विजय कुमार मल्होत्रा का निधन हो गया है। लंबे राजनीतिक सफर में वे पाँच बार सांसद और दो बार विधायक रहे। दिल्ली बीजेपी को मजबूत आधार देने में उनकी अहम भूमिका रही। वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया था।
विजय कुमार मल्होत्रा की राजनीति की सबसे चर्चित उपलब्धियों में से एक 1999 का आम चुनाव था, जब उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को हराया था। इस चुनाव में मल्होत्रा को 2,61,230 वोट मिले थे, जबकि मनमोहन सिंह 2,31,231 वोटों पर सिमट गए। लगभग 30 हजार वोटों के अंतर ने उस समय बड़ा राजनीतिक संदेश दिया था।
मल्होत्रा का जन्म 3 दिसंबर 1931 को ब्रिटिश भारत के पंजाब प्रांत के लाहौर (अब पाकिस्तान) में हुआ था। वे कविराज खजान चंद के सात बच्चों में चौथे थे। 1947 के विभाजन के बाद उनका परिवार दिल्ली आकर बस गया, जहां से उनकी शिक्षा और राजनीतिक जीवन की शुरुआत हुई।
दिल्ली में जनसंघ और बाद में बीजेपी की जड़ों को मजबूत करने में विजय कुमार मल्होत्रा ने केदारनाथ साहनी और मदन लाल खुराना जैसे नेताओं के साथ मिलकर दशकों तक काम किया। उनकी पहचान न सिर्फ संगठनकर्ता के रूप में बल्कि बीजेपी के स्तंभ नेताओं में भी रही।




