शिवहर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को बिहार में आयोजित एक चुनावी रैली के दौरान महागठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विपक्षी गठबंधन को “महाठगबंधन” करार देते हुए कहा कि इसमें “न नेता है, न नीति है” और यह भी साफ नहीं है कि कौन किस सीट से चुनाव लड़ रहा है। शाह ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनावों में 14 नवंबर को राहुल गांधी और लालू प्रसाद यादव की पार्टियों का “सूपड़ा साफ” हो जाएगा।
अमित शाह ने कहा कि बिहार में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनेगी। उन्होंने एनडीए की पांचों सहयोगी पार्टियों की तुलना पांडवों से करते हुए कहा कि सभी दल एकजुट होकर राज्य की 243 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। रैली के दौरान उन्होंने राहुल गांधी पर भी सीधा निशाना साधा। शाह ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपमान करते-करते राहुल गांधी ने छठ मइया का भी अपमान कर दिया। जब-जब आपने मोदी जी का अपमान किया है, जनता ने हर बार इसका जवाब वोट से दिया है। इस बार मोदी जी के साथ छठ मइया का भी अपमान हुआ है, जिसका जवाब सीतामढ़ी की जनता जरूर देगी।”
एनडीए के संकल्प पत्र का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने घोषणा की कि “जिस दिन सीतामढ़ी में सीता माता मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होगी, उसी दिन सीतामढ़ी से अयोध्या तक वंदे भारत ट्रेन शुरू कर दी जाएगी। इससे बिहार के पर्यटन को नई गति मिलेगी।” शाह ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को मिलने वाली राशि को 6,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये किया जाएगा। साथ ही पटना, दरभंगा, पूर्णिया और भागलपुर के हवाई अड्डों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने की घोषणा की।
उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि “कांग्रेस सरकार के 10 सालों में बिहार को केवल 2 लाख 80 हजार करोड़ रुपये मिले, जबकि मोदी सरकार ने पिछले 10 वर्षों में राज्य को 18 लाख 70 हजार करोड़ रुपये का अनुदान दिया है।” जीविका दीदियों को लेकर उन्होंने कहा, “नीतीश बाबू और मोदी जी ने सभी जीविका दीदियों के खातों में 10,000 रुपये डाले हैं। राजद वाले चुनाव आयोग से कह रहे हैं कि यह पैसे वापस ले लो। मैं दीदियों से कहना चाहता हूं, चिंता मत करें उनके दादा जी भी आ जाएंगे, तब भी यह 10,000 रुपये कोई नहीं छीन पाएगा।”




