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हरदोई में डॉक्टर की लापरवाही से गर्भवती महिला की जान पर बनी बात, प्लेसेंटा और कॉटन गर्भाशय में छोड़कर कर दी डीएनसी

रिपोर्ट – मनोज तिवारी

हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में एक निजी अस्पताल की लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित आनंद हॉस्पिटल में डॉक्टर ने गर्भवती महिला का डीएनसी तो कर दिया, लेकिन उसके गर्भाशय में प्लेसेंटा और कॉटन छोड़ दी, जिससे महिला की हालत बिगड़ गई। गनीमत रही कि समय रहते मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में पहुंचने पर उसकी जान बचाई जा सकी।

मामला हरीपुरवा निवासी अभिषेक मिश्रा की पत्नी शिखा मिश्रा का है। 29 अक्टूबर को गर्भवती शिखा को चांद बेहटा स्थित आनंद हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर आफरीन ने अल्ट्रासाउंड के बाद परिवार को बताया कि भ्रूण की दिल की धड़कन बंद हो चुकी है और डीएनसी करनी पड़ेगी। परिवार ने डॉक्टर की सलाह पर सहमति दे दी। रात में डीएनसी की प्रक्रिया पूरी कर महिला को छुट्टी दे दी गई।

घर पहुंचने के बाद शिखा को तेज दर्द और लगातार ब्लीडिंग शुरू हो गई। परिजन पहले आनंद हॉस्पिटल लौटे, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। इसके बाद वे 30 अक्टूबर को मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल पहुंचे, जहां अल्ट्रासाउंड में खुलासा हुआ कि निजी अस्पताल ने घोर लापरवाही की थी प्लेसेंटा और कॉटन गर्भाशय में ही रह गई थी, जिससे ब्लीडिंग रुक नहीं रही थी।

महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सुबोध कुमार ने बताया कि मरीज की हालत बेहद नाजुक थी। यदि समय पर इलाज न मिलता तो एनीमिया और अत्यधिक ब्लीडिंग से जान भी जा सकती थी। अस्पताल की टीम ने तत्काल सर्जरी कर प्लेसेंटा और कॉटन निकाली।

पीड़ित परिवार ने आनंद हॉस्पिटल की डॉक्टर आफरीन और प्रबंधन के खिलाफ कोतवाली पुलिस व स्वास्थ्य विभाग में शिकायत दर्ज कराई है। परिवार का कहना है कि यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि जान से खिलवाड़ है, जिसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH