प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार दिन के विदेशी दौरे पर जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान की यात्रा पर जा रहे हैं। इस दौरे का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव इथियोपिया होगा, जहां उनकी यात्रा को भारत की 2026 में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। इस दौरे से द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती मिलने के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र सुधारों और ब्रिक्स से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सहयोग को और गहरा करने पर जोर दिया जाएगा।
इथियोपिया में भारत के राजदूत अनिल कुमार राय ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की 16 से 17 दिसंबर तक अफ्रीकी देश की दो दिवसीय राजकीय यात्रा दोनों देशों के दीर्घकालिक और मैत्रीपूर्ण संबंधों को नई दिशा देगी। उन्होंने कहा कि भारत और इथियोपिया अंतरराष्ट्रीय मंचों पर, खासकर ब्रिक्स के तहत, महत्वपूर्ण साझेदार हैं।
राजदूत राय ने कहा कि भारत और इथियोपिया प्राचीन सभ्यताओं से संपन्न देश हैं और दोनों के बीच लंबे समय से गहरे संबंध रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले 15 वर्षों में इथियोपिया का दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे, जिससे यह यात्रा ऐतिहासिक बन जाती है। इस दौरान द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए व्यापक और समृद्ध एजेंडे पर चर्चा होगी।
उन्होंने यह भी बताया कि भारत 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता करेगा और इथियोपिया इस समूह का नया लेकिन महत्वपूर्ण सदस्य है। ऐसे में संयुक्त राष्ट्र सुधार, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
भारत ब्रिक्स के संस्थापक सदस्यों में शामिल है। इस समूह को पहली बार 2006 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान न्यूयॉर्क में आयोजित ब्रिक देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में औपचारिक रूप दिया गया था। पहला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2009 में रूस में आयोजित हुआ था। 2010 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के बाद यह समूह ब्रिक्स के नाम से जाना जाने लगा। अगस्त 2023 में दक्षिण अफ्रीका की अध्यक्षता में मिले निमंत्रण के बाद इथियोपिया जनवरी 2024 में आधिकारिक रूप से ब्रिक्स का सदस्य बना। इसके साथ ही मिस्र, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात भी इस समूह के पूर्ण सदस्य बने।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की यह इथियोपिया की पहली यात्रा होगी। इस दौरान वे इथियोपिया के प्रधानमंत्री अली से मुलाकात कर भारत-इथियोपिया द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा करेंगे। मंत्रालय ने कहा कि वैश्विक दक्षिण में साझेदार के रूप में यह दौरा दोनों देशों की घनिष्ठ मित्रता और सहयोग को और आगे बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।




