चंडीगढ़। पंजाब में रविवार को संपन्न हुए स्थानीय निकाय चुनाव राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच विवादों में घिर गए। विपक्षी दल कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ने सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी पर बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगाते हुए राज्य निर्वाचन आयोग में औपचारिक शिकायतें दर्ज कराईं। मतपत्रों के माध्यम से कराए गए इन चुनावों के दौरान कई स्थानों से अनियमितताओं, वोट गायब होने और बूथ पर कब्जे की शिकायतें सामने आईं।
शिकायतों का संज्ञान लेते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने चार मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान के आदेश दिए हैं। जिन स्थानों पर री-पोल कराया जाएगा, उनमें गुरदासपुर के चाहियां, मुक्तसर के बबनियां और माधिर तथा बरनाला के चननवाल शामिल हैं। आयोग के अनुसार, इन केंद्रों पर बूथ कैप्चरिंग और मतदान अधिकारियों के मतपत्रों के साथ गायब होने की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। पुनर्मतदान मंगलवार को कराया जाएगा।
शिरोमणि अकाली दल ने मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए आयोग को ज्ञापन सौंपा है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता दलजीत चीमा ने दावा किया कि फतेहगढ़ साहिब से आम आदमी पार्टी के एक उम्मीदवार ने मतदान शुरू होने से कई घंटे पहले मतपत्रों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की थीं, जिनमें सीरियल नंबर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे थे। अकाली दल ने गुरदासपुर के एक मतदान केंद्र के वीडियो भी जारी किए, जिनमें कथित तौर पर मतदान कर्मचारी बाहर खड़े नजर आते हैं, जबकि भीतर कोई अन्य व्यक्ति वोट डालता दिखाई देता है।
कांग्रेस ने भी चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों में पार्टी के उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर परिस्थिति में अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी रहेगी।
चुनाव के दौरान कई जिलों से झड़पों की खबरें भी सामने आईं। तरनतारन के काजी कोट गांव में आम आदमी पार्टी और अकाली दल के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए, जहां पथराव की घटनाएं हुईं। फिरोजपुर के बेटू कदीम गांव में भी दो गुटों के बीच पत्थरबाजी की सूचना मिली। वहीं, गिद्दड़बाहा में कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा के मतदान एजेंटों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आप नेता सनी ढिल्लों और अन्य पर बूथ कब्जाने का आरोप लगाया गया। सनी ढिल्लों ने इन आरोपों को निराधार बताया है।
स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर विवाद पिछले एक सप्ताह से चर्चा में है। हाल ही में एक कथित ऑडियो क्लिप सामने आई थी, जिसमें पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा पर आरोप लगा कि उन्होंने अपने अधीनस्थों को विपक्ष समर्थित उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोकने के निर्देश दिए थे। इस मामले को विपक्षी दलों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी, जिसके बाद अदालत ने ऑडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच के आदेश दिए हैं।




