अयोध्या में राम मंदिर परिसर में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा द्वादशी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सनातन धर्म और अयोध्या के ऐतिहासिक संघर्ष पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म से ऊपर कुछ भी नहीं है और अयोध्या के खिलाफ समय-समय पर षड्यंत्र किए गए, लेकिन वे कभी सफल नहीं हो पाए।
सीएम योगी ने तीन अहम तारीखों का किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों की तीन ऐतिहासिक घटनाओं को याद किया। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री मोदी अयोध्या आए और 500 वर्षों के संघर्ष को समाप्त करते हुए राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण का शुभारंभ किया। उन्होंने आगे बताया कि 22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री ने स्वयं अयोध्या पहुंचकर श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराई। इसके बाद तीसरी महत्वपूर्ण तारीख 25 नवंबर का उल्लेख करते हुए सीएम योगी ने कहा कि विवाह पंचमी के अवसर पर प्रधानमंत्री ने राम मंदिर के मुख्य शिखर पर सनातन धर्म की ध्वजा प्रतिष्ठित की और यह स्पष्ट संदेश दिया कि सनातन से ऊपर कुछ नहीं है।
सनातन की पताका पूरी दुनिया में लहराएगी
सीएम योगी ने कहा कि राम मंदिर के शिखर पर फहराई गई सनातन धर्म की ध्वजा पूरी दुनिया को यह संदेश देती है कि सनातन की परंपरा और मूल्य अटल हैं और यह पताका यूं ही लहराती रहेगी।
अयोध्या की रक्षा स्वयं हनुमान जी कर रहे हैं
अयोध्या के संघर्षों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब अयोध्या को लहूलुहान करने की कोशिशें की गईं और आतंकी हमलों के जरिए शहर को डराने का प्रयास हुआ। लेकिन उन्होंने कहा कि जहां स्वयं बजरंग बली की कृपा और रक्षा हो, वहां कोई भी नकारात्मक शक्ति टिक नहीं सकती। सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या में स्वयं हनुमान जी विराजमान हैं, इसलिए यहां कोई भी षड्यंत्र सफल नहीं हो सकता। सीएम योगी के इस बयान को राम मंदिर और सनातन परंपरा के महत्व को रेखांकित करने वाला बताया जा रहा है।




