इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छिन गईं। 6 महीने के मासूम की मौत से परिवार गहरे सदमे में है। बच्चे की मां साधना साहू रोते हुए कह रही हैं, “कोई मेरे बच्चे को वापस ला दो। जानकारी के अनुसार, नई बस्ती के मराठी मोहल्ले में नगर निगम द्वारा सप्लाई किए गए गंदे पानी के कारण बच्चे को उल्टी और दस्त की शिकायत हुई। हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं पाए।
बच्चे की मां ने बताया कि 10 साल की कोशिशों के बाद उनका यह बेटा हुआ था। कई महीने तक मां को बेड रेस्ट करना पड़ा और पूरे परिवार ने उसके स्वस्थ जीवन के लिए प्रार्थना की। अब आंखों के सामने उनका बच्चा दुनिया छोड़ गया। मां ने बताया कि ब्रेस्टफीडिंग पर्याप्त नहीं होने के कारण उन्हें बच्चे को बाहर का गाढ़ा दूध देना पड़ता था, जिसमें कभी-कभी पानी मिलाना पड़ता था।
भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी का संकट बढ़ता जा रहा है। पाइपलाइन लीकेज के कारण सीवरेज का पानी घरों में पहुंच रहा है, जिससे सैकड़ों लोग बीमार पड़ चुके हैं। अब तक 12 मौतों की जानकारी है, जबकि आधिकारिक तौर पर 4 मौत की पुष्टि हुई है। सैंकड़ों लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और वैकल्पिक पानी की व्यवस्था की जा रही है। स्थानीय लोग नगर निगम की लापरवाही पर नाराजगी जता रहे हैं।
इधर मुख्यमंत्री मोहन यादव के कड़े निर्देशों के बाद नगर निगम महकमे में हड़कंप मच गया। कलेक्टर और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। जांच के लिए टीम बनाई गई है। इंदौर के DM और नगर निगम कमिश्नर ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। प्रभावित लोगों के लिए एम्बुलेंस और वैकल्पिक पानी की व्यवस्था की जा रही है।




