RegionalTop News

पंजाब पुलिस का विजन 2026 पेश, रिस्पांस टाइम घटाने से लेकर हाईटेक निगरानी तक बड़ा रोडमैप

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की प्रतिबद्धता के अनुरूप पंजाब पुलिस को अधिक सक्षम, जवाबदेह और पेशेवर बनाने की दिशा में राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने पंजाब पुलिस के लिए प्रौद्योगिकी आधारित विजन 2026 की रूपरेखा प्रस्तुत की है। यह विजन आधारभूत ढांचे के विकास, क्षमता निर्माण और आधुनिक तकनीक के व्यापक उपयोग पर केंद्रित है।

इस विजन के तहत डायल 112 इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा। मोहाली में 52 करोड़ रुपये की लागत से डायल 112 का सेंट्रल कंट्रोल रूम भवन बनाया जाएगा, जबकि 50 करोड़ रुपये की लागत से नए आपातकालीन वाहन खरीदे जाएंगे। डीजीपी ने बताया कि मौजूदा औसत रिस्पांस टाइम को 12–13 मिनट से घटाकर 7–8 मिनट तक लाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पूरे राज्य के जिला नियंत्रण कक्षों को 25 करोड़ रुपये के निवेश से अपग्रेड किया जा रहा है।

डीजीपी गौरव यादव, जिनके साथ आईजीपी मुख्यालय सुखचैन सिंह गिल भी मौजूद थे, एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पंजाब पुलिस के भविष्य के रोडमैप की जानकारी दे रहे थे। उन्होंने बताया कि सीमा सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ दूसरी सुरक्षा पंक्ति के तहत 585 स्थानों पर 2,367 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिन पर करीब 49.58 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

ड्रोन के बढ़ते खतरे को देखते हुए एंटी-ड्रोन सिस्टम की संख्या मौजूदा तीन से बढ़ाकर छह की जाएगी और चरणबद्ध तरीके से आगे 10 और प्रणालियां खरीदी जाएंगी। इसके साथ ही ड्रोन रिस्पॉन्स टीमें तैनात की गई हैं, जो आने वाले वर्ष में ग्राम रक्षा समितियों के साथ समन्वय में काम करेंगी।

डीजीपी ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में पंजाब सरकार ने पुलिस आधुनिकीकरण पर 800 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं। सभी एसपी रैंक के अधिकारियों के साथ-साथ पुलिस थानों और चौकियों को नए वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा राज्य सरकार ने अगले तीन वर्षों में 426 करोड़ रुपये की लागत वाली मेगा पुलिस भवन परियोजना को भी मंजूरी दी है।

इस परियोजना में मोहाली के फेज-4 में साइबर क्राइम डिवीजन का नया मुख्यालय, नवांशहर और मलेरकोटला में नई पुलिस लाइनें, 11 नए पुलिस स्टेशन भवन, तथा लुधियाना, फिरोजपुर और जालंधर में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के नए रेंज कार्यालय शामिल हैं। मौजूदा एएनटीएफ कार्यालयों को आधुनिक उपकरणों और फोरेंसिक टूल्स से लैस किया जाएगा।

डीजीपी ने बताया कि नए आपराधिक कानूनों के तहत गवाह संरक्षण योजना को पहले ही अधिसूचित किया जा चुका है, जिससे सजा की दर में सुधार की उम्मीद है। कार्यभार के अनुसार सभी थानों में इंटरनेट कनेक्टिविटी को 50 एमबीपीएस से बढ़ाकर 100 एमबीपीएस किया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि एजीटीएफ ने पंजाब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम 2.0 के जरिए अपनी तकनीकी क्षमताओं को और मजबूत किया है, जिसमें अब वॉयस एनालिसिस जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। संगठित अपराध सूचना प्रणाली को भी अपराध रिकॉर्ड प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए अपग्रेड किया जा रहा है।

डीजीपी गौरव यादव ने स्पष्ट किया कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने या इसमें मदद करने वाले ट्रैवल एजेंटों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं शहरी क्षेत्रों में यातायात प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया को बेहतर बनाने के लिए समर्पित ट्रैफिक और सड़क सुरक्षा थाने स्थापित किए जाएंगे, जिन्हें एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा।

BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH