राज्य के व्यापारियों और उद्योग जगत को राहत देते हुए पंजाब सरकार ने ‘बकाया करों की रिकवरी संबंधी पंजाब एकमुश्त निपटारा (ओटीएस) योजना-2025’ की समय-सीमा को 31 मार्च, 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह जानकारी वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने दी। उन्होंने बताया कि यह निर्णय जीएसटी प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन (जीएसटीपीए), पंजाब सहित विभिन्न हितधारकों की अपील और योजना को मिले समर्थन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। अब तक इस योजना के तहत कर विभाग को 6,348 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
वर्ष 2025 के अंतिम महीनों में विभिन्न टैक्स रिटर्न की तिथियों का एक साथ आना करदाताओं के लिए बोझ बन गया था। इसके अलावा वैट असेसमेंट आर्डर की लंबित डिलीवरी जैसी व्यावहारिक चुनौतियों के कारण कई व्यापारियों के लिए दिसंबर की मूल समय सीमा से पहले अपनी देनदारियों का सही निर्धारण करना मुश्किल हो रहा था। ओटीएस स्कीम-2025 1 अक्टूबर, 2025 से शुरू की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य पुराने कानूनी विवादों को समाप्त करना और सरकारी राजस्व में वृद्धि करना है। निर्धारित मांग के आधार पर करदाता मूल टैक्स पर राहत के साथ ब्याज और जुर्माने में 100 प्रतिशत तक की छूट प्राप्त कर सकते हैं।
वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि समय सीमा बढ़ाने से ईमानदार करदाताओं को जीएसटी से पूर्व के अधिनियमों (वैट और केंद्रीय विक्रय कर सहित) के तहत लंबित विवाद बिना किसी मानसिक दबाव के निपटाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार व्यापार अनुकूल माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी योग्य करदाता को समय या प्रशासनिक कारणों से इस लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी योग्य व्यापारियों और राइस मिलरों से अपील की कि वे इस अंतिम अवसर का लाभ उठाएं और नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत बिना किसी बोझ के करें। वित्त मंत्री ने चेताया कि 31 मार्च के बाद डिफाल्टरों के खिलाफ सख्त वसूली कार्रवाई शुरू की जाएगी।




