उत्तर भारत इन दिनों भीषण ठंड की चपेट में है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर के कई इलाकों में आने वाले दिनों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने रविवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। शनिवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई, जहां 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 267 रहा।
पहाड़ी राज्यों में ठंड और तेज हो गई है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार बर्फबारी हो रही है। बर्फबारी के चलते बड़ी संख्या में पर्यटक पहाड़ों की ओर रुख कर रहे हैं। स्थानीय मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बर्फबारी की चेतावनी जारी की है।
मैदानी राज्यों में भी शीतलहर का असर दिख रहा है। राजस्थान, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में लोग कड़ाके की ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं। राजस्थान के सीकर, चूरू और झुंझुनू में घना कोहरा छाया हुआ है, जबकि बिहार के पटना और मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में कोहरे के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में 4 जनवरी से 7 जनवरी के बीच शीतलहर की स्थिति बन सकती है। सुबह के समय दृश्यता में लगातार कमी देखी जा रही है और घने कोहरे के कारण आने वाले दिनों में दृश्यता और घटने की आशंका है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक दिल्ली में शनिवार को अधिकतम तापमान 17.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 8.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो औसत से 1.2 डिग्री अधिक है।
दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में तापमान में भी अंतर देखने को मिला। अधिकतम तापमान पालम में 15.8 डिग्री, लोधी रोड में 17.6 डिग्री, रिज में 16.3 डिग्री और आयानगर में 17.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान की बात करें तो आयानगर सबसे ठंडा रहा, जहां पारा 6.9 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। पालम में न्यूनतम तापमान 7.9 डिग्री और सफदरजंग में 8.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
घने कोहरे का असर दृश्यता पर भी पड़ा। आईएमडी के अनुसार सफदरजंग में सुबह करीब नौ बजे दृश्यता घटकर 800 मीटर रह गई, जो बाद में बढ़कर 1,200 मीटर हो गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली के 14 निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता ‘खराब’, 17 केंद्रों पर ‘बहुत खराब’ और छह केंद्रों पर ‘मध्यम’ श्रेणी में रही। जहांगीरपुरी में एक्यूआई 340 के साथ सबसे खराब दर्ज किया गया।




