नीति आयोग के प्रयासों के चलते मेरठ के खेल उद्योग से जुड़े उद्यमियों के लिए नए अवसर खुलते जा रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार को पंजाब के जालंधर में मेरठ के खेल उद्यमियों की पंजाब सरकार और नीति आयोग के प्रतिनिधियों के साथ एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में खेल और खिलौना उद्योग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई।
खेल खिलौना उद्योग के चेयरमैन सुमनेश अग्रवाल ने बताया कि बैठक के दौरान पंजाब सरकार ने मेरठ के उद्यमियों को बड़ा प्रस्ताव दिया है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब सरकार ने प्रोसेस एंड प्रोडक्ट डेवलपमेंट सेंटर (पीपीडी सेंटर) संचालित करने के लिए तीन मंजिला इमारत महज एक रुपये वार्षिक लीज पर देने की पेशकश की है।
सुमनेश अग्रवाल के अनुसार, पंजाब सरकार के प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि यदि आवश्यकता हुई तो वे उद्यमियों के लिए पूरा कॉम्प्लेक्स खड़ा करके देने को तैयार हैं। उन्होंने बताया कि जहां एक ओर उद्यमी आमतौर पर राज्यों से जमीन की मांग करते हैं, वहीं पंजाब सरकार ने क्लस्टर योजना के तहत यह प्रस्ताव खुद आगे बढ़कर दिया है।
उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले बीते दो महीनों में गुजरात, मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों से भी इसी तरह के प्रस्ताव सामने आ चुके हैं, जिससे मेरठ के खेल उद्योग को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की संभावना बढ़ी है।
जालंधर में आयोजित इस कार्यक्रम में मेरठ पीपीडी सेंटर के डायरेक्टर आदित्य शर्मा, भल्ला इंटरनेशनल के संचालक संजय भल्ला, नेशनल स्पोर्ट्स के संचालक आशीष महाजन सहित कई प्रमुख खेल उद्यमी मौजूद रहे। बैठक को मेरठ के खेल उद्योग के विस्तार और निवेश की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




