दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध ढांचे को हटाने की कार्रवाई के दौरान भारी हंगामा हो गया। अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस और नगर निगम की टीम पर पथराव किया गया, जिसके जवाब में पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बल तैनात है। पथराव के मामले में पुलिस ने अब तक 10 लोगों को हिरासत में लिया है।
यह कार्रवाई रात करीब 2 बजे शुरू हुई, जब एमसीडी के कर्मचारी 30 से अधिक बुलडोजरों के साथ मौके पर पहुंचे। अवैध निर्माण हटाने के दौरान कुछ उपद्रवी वहां इकट्ठा हो गए और पुलिस पर पत्थर फेंकने लगे। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। कुछ उपद्रवियों ने आंसू गैस के गोले वापस पुलिस की ओर फेंकने की भी कोशिश की।
क्या है पूरा मामला
दिल्ली हाईकोर्ट ने मस्जिद से सटे दवाखाने और बारात घर को अवैध घोषित किया था, जिसके बाद अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया गया। कार्रवाई शुरू होते ही विरोध और पथराव की घटनाएं सामने आईं। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि चांदनी महल थाने के एसएचओ महावीर प्रसाद को गंभीर चोटें आई हैं।
आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस
दिल्ली पुलिस ने बताया कि पत्थरबाजी में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिसकर्मियों के बॉडी कैम और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जाएगी। मामले में जल्द ही FIR दर्ज की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
पहले दी गई थी मोहलत
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई से पहले स्थानीय लोगों को अपना सामान हटाने की मोहलत दी गई थी। इसके साथ ही रात में ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर कुछ सड़कों को बंद किया गया था। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात की गई थी।
पुलिस का बयान
दिल्ली पुलिस के डीसीपी ने बताया कि एमसीडी की मांग पर यह कार्रवाई रात में की गई। इलाके में हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और सुबह 10 बजे तक रास्ते खोल दिए जाएंगे। पथराव करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




