ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही एशेज 2025-26 सीरीज का आखिरी टेस्ट मुकाबला सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर जारी है। मैच के चौथे दिन ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अपनी पहली पारी 567 रनों पर समाप्त की, लेकिन इसके जवाब में इंग्लैंड को एक बार फिर खराब शुरुआत का सामना करना पड़ा। इंग्लिश ओपनिंग जोड़ी पूरे दौरे में लय में नजर नहीं आई और सिडनी टेस्ट में भी हालात कुछ अलग नहीं रहे।
इंग्लैंड की दूसरी पारी में जैक क्रॉली सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि बेन डकेट 42 रन की पारी खेलकर पवेलियन लौटे। डकेट की यह पारी भी उनके लिए राहत लेकर नहीं आई, क्योंकि इसके साथ ही वे टेस्ट क्रिकेट के एक अनचाहे रिकॉर्ड का हिस्सा बन गए।
बेन डकेट बने टेस्ट इतिहास के 11वें खिलाड़ी
बेन डकेट के लिए ऑस्ट्रेलिया का यह दौरा बेहद निराशाजनक रहा। एशेज 2025-26 सीरीज के सभी मैचों में खेलने के बावजूद डकेट 10 पारियों में एक बार भी 50 या उससे अधिक रन नहीं बना सके। इसी के साथ वह टेस्ट क्रिकेट इतिहास में ऐसे 11वें बल्लेबाज बन गए, जो किसी टेस्ट सीरीज में कम से कम 10 पारियों में खेलने के बावजूद एक भी फिफ्टी प्लस स्कोर नहीं बना पाए।
इससे पहले यह रिकॉर्ड 1991 में फिल सिमंस के नाम दर्ज हुआ था, जो इंग्लैंड दौरे पर 10 पारियों में एक भी अर्धशतक नहीं लगा सके थे। वहीं एशेज के इतिहास में यह शर्मनाक उपलब्धि हासिल करने वाले डकेट चौथे बल्लेबाज हैं। उनसे पहले सिरिल वॉशब्रुक, जो एडरिच और किम ह्यूज यह रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं।
कमजोर औसत ने बढ़ाई चिंता
पूरी सीरीज में बेन डकेट सिर्फ 20.2 के औसत से 202 रन ही बना सके। पांच मैचों की इस सीरीज में उनका सर्वोच्च स्कोर सिडनी टेस्ट की दूसरी पारी में बनाए गए 42 रन रहे। लंबे समय से इंग्लैंड की टेस्ट टीम में ओपनर की भूमिका निभा रहे डकेट के लिए यह दौरा करियर के लिहाज से भी चिंता बढ़ाने वाला माना जा रहा है। दूसरी ओर, जैक क्रॉली का प्रदर्शन भी कुछ खास नहीं रहा। उन्होंने 10 पारियों में 27.3 के औसत से 273 रन बनाए। इंग्लैंड की कमजोर ओपनिंग इस पूरी एशेज सीरीज में टीम के लिए बड़ी समस्या साबित हुई है।




