रांची। झारखंड जिले के गोइलकेरा और टोंटो प्रखंड में एक जंगली हाथी का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। उसने एक रात में 7 लोगों को मौत को घाट उतार दिया और पिछले 6 दिन में वह 17 लोगों की जान ले चुका है। ताजा हमला नोवामुंडी प्रखंड के बाबरिया गांव में एक परिवार पर हुआ है। बीती रात हाथी ने एक परिवार पर हमला किया और 5 सदस्यों को जान से मार दिया। बड़ा पासीया और लांपाईसाई गांवों में भी हाथी के हमले से 2 लोगों की जान गई है।
बीते छह दिनों में हाथी ने लगातार पांच स्थानों पर हमला किया है, जिनमें कई लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ग्रामीण इलाकों में भय का माहौल बना हुआ है और लोग घरों से निकलने में डर महसूस कर रहे हैं।
1 जनवरी: एक ही दिन में तीन मौतें
नए साल के पहले दिन हाथी ने टोंटो प्रखंड के बांडीझारी गांव में 35 वर्षीय मंगल सिंह हेंब्रम पर हमला कर उनकी जान ले ली। उसी रात बिरसिंहहातु गांव के कुचुबासा टोली निवासी 55 वर्षीय उर्दूप बहंदा की भी हाथी के हमले में मौत हो गई।
इसी दिन सदर प्रखंड के रोरो गांव निवासी 57 वर्षीय विष्णु सुंडी को भी हाथी ने कुचल दिया। वहीं, बिरसिंहहातु गांव की मानी कुंटिया और सुखमति बहंदा पर भी हमला हुआ, हालांकि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उनकी जान बच गई।
2 जनवरी: बच्चे भी बने शिकार
2 जनवरी को गोइलकेरा थाना क्षेत्र के सायतवा गांव में मंदरू कयोम के 13 वर्षीय बेटे रेंगा कयोम को हाथी ने पैर कुचलकर मार डाला। उसी दिन चक्रधरपुर थाना क्षेत्र के बाईपी गांव में नंदू गागराई की 10 वर्षीय बेटी ढिंगी गागराई को हाथी ने जमीन पर पटककर मार दिया।
4 और 5 जनवरी: महिला और बुजुर्ग की मौत
4 जनवरी को गोइलकेरा प्रखंड के संतरा वन क्षेत्र अंतर्गत कुईडा पंचायत के अमराई कितापी गांव के तोपनोसाई टोले में एक महिला को हाथी ने कुचलकर मार डाला। हमले में महिला का पति रंजन टोपनो और 10 वर्षीय बेटा काहिरा टोपनो गंभीर रूप से घायल हो गए।
5 जनवरी को इसी संतरा वन क्षेत्र के बिला पंचायत स्थित वन ग्राम मिस्त्रीबेड़ा में 50 वर्षीय जोंगा लागुरी की हाथी के हमले में मौत हो गई, जबकि उनके पति 52 वर्षीय चंद्र मोहन लागुरी घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
6 जनवरी: एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत
6 जनवरी को गोइलकेरा के सोवा गांव में हाथी ने कुंदरा बाहदा, उनके 6 वर्षीय बेटे कोदमा बाहदा और 8 महीने की बेटी सामू बाहदा को कुचलकर मार डाला। इस हमले में 3 वर्षीय बच्ची जिंगीं बाहदा गंभीर रूप से घायल हो गई। इसके बाद हाथी सोवा और पाटुंग गांव होते हुए संतरा वन क्षेत्र के टोंटो प्रखंड स्थित कुईलसूता गांव पहुंचा, जहां उसने 21 वर्षीय जगमोहन सवईया पर हमला कर उसे पटक-पटक कर मार डाला।
ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग पर सवाल
लगातार हो रहे इन हमलों से ग्रामीणों में भारी दहशत है। लोगों का आरोप है कि वन विभाग की ओर से समय रहते हाथी को पकड़ने या सुरक्षित क्षेत्र में भेजने के पर्याप्त प्रयास नहीं किए गए, जिससे जानमाल का नुकसान बढ़ता जा रहा है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में सतर्कता बढ़ाने और राहत कार्य तेज करने की बात कही है।




