नई दिल्ली। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हो रहे हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामला नाओगांव जिले के महादेवपुर का है, जहां चोरी के संदेह में भीड़ द्वारा पीछा किए जाने पर एक हिंदू युवक की नहर में कूदने से मौत हो गई। मृतक की पहचान 25 वर्षीय मिथुन सरकार के रूप में हुई है। पुलिस ने नहर से उसका शव बरामद कर लिया है।
पिछले कुछ हफ्तों में बांग्लादेश में हिंदू समुदाय को निशाना बनाकर हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं। ये घटनाएं ऐसे समय पर हो रही हैं जब देश में राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है और राष्ट्रीय चुनावों की तैयारियों के बीच तनावपूर्ण माहौल है। शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, बीते 18 दिनों में कम से कम सात हिंदुओं की हिंसक घटनाओं में जान जा चुकी है। इनमें भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या, गोली मारने और आग लगाकर मारने जैसी घटनाएं शामिल हैं।
हालिया घटनाओं में शामिल हैं:
6 जनवरी: नरसिंगदी जिले के चारसिंदुर बाजार में किराना दुकानदार मणि चक्रवर्ती की अज्ञात हमलावरों द्वारा हत्या।
6 जनवरी: जेसोर जिले के कपालिया बाजार में 45 वर्षीय राणा प्रताप की गोली मारकर हत्या।
3 जनवरी: झेनाइदह जिले में एक हिंदू महिला के साथ सामूहिक बलात्कार, मारपीट और अपमान की घटना सामने आई।
3 जनवरी: खोकन चंद्र दास, जो दवा और मोबाइल बैंकिंग व्यवसाय से जुड़े थे, को भीड़ ने पीटकर आग लगा दी, जिससे उनकी मौत हो गई।
29 दिसंबर 2025: मायमेनसिंह के भालुका में गारमेंट फैक्ट्री कर्मचारी बजेंद्र बिस्वास की गोली मारकर हत्या।
24 दिसंबर 2025: राजबारी में उगाही के शक में अमृत मंडल की भीड़ द्वारा हत्या।
18 दिसंबर 2025: मायमेनसिंह में दीपू चंद्र दास को ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला और शव को जला दिया।
भारत सरकार ने इन घटनाओं पर गहरी चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, अंतरिम सरकार के कार्यकाल में अब तक अल्पसंख्यकों के खिलाफ 2,900 से अधिक हिंसा की घटनाएं दर्ज की गई हैं। आगामी राष्ट्रीय चुनावों से पहले कई इलाकों में तनाव का माहौल बना हुआ है, जिससे अल्पसंख्यक समुदाय खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
मानवाधिकार संगठन बांग्लादेश हिंदू बौद्ध क्रिश्चियन यूनिटी काउंसिल ने इन घटनाओं को अल्पसंख्यकों के खिलाफ लक्षित हिंसा करार दिया है। हालांकि पुलिस ने कई मामलों में जांच शुरू कर दी है और कुछ गिरफ्तारियां भी की हैं, लेकिन हिंदू समुदाय में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।




