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पंजाब इस समय देश में नशे के खिलाफ सबसे निर्णायक लड़ाई की अगुवाई कर रहा है : भगवंत मान

बठिंडा। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बठिंडा में आयोजित लोक मिलनी के दौरान पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और कैडर से नशों के खिलाफ चल रहे अभियान को और तेज करने की अपील की। उन्होंने ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ के दूसरे चरण को जनता की भागीदारी से एक बड़े सामाजिक आंदोलन में बदलने पर जोर देते हुए कहा कि पंजाब इस समय देश में नशों के खिलाफ सबसे निर्णायक लड़ाई की अगुवाई कर रहा है।

कार्यक्रम के दौरान संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नशे की समस्या को जड़ से खत्म करने के लक्ष्य के साथ इस अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौर में बड़े नेताओं के संरक्षण में नशा कारोबार फलता-फूलता रहा, जबकि मौजूदा ‘आप’ सरकार ने बीते एक वर्ष में 28 हजार से अधिक नशा तस्करों के खिलाफ केस दर्ज किए हैं। इनमें से करीब 88 प्रतिशत मामलों में दोष सिद्ध होना इस बात का प्रमाण है कि कार्रवाई प्रभावी रही है।

मुख्यमंत्री मान ने कहा कि लोगों में दिखाई दे रहा उत्साह यह संकेत देता है कि नशों के खिलाफ यह संघर्ष अपने निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पुलिस या प्रशासनिक कदमों से यह लड़ाई नहीं जीती जा सकती, बल्कि इसे जन आंदोलन का रूप देना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने जहां नशा कारोबार को बढ़ावा दिया, वहीं मौजूदा सरकार ने इस पर सख्त लगाम लगाई है।

उन्होंने दोहराया कि इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाना है और इसके सकारात्मक नतीजे जल्द ही सामने आएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशों के खिलाफ ईमानदार और व्यापक स्तर पर कार्रवाई समय की सबसे बड़ी जरूरत है। यह अभियान केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि युवाओं, किसानों, जल संसाधनों और पर्यावरण की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।

अब तक की कार्रवाई का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि नशा तस्करी की सप्लाई चेन को तोड़ा गया है, बड़े तस्करों को जेल भेजा गया है, नशा पीड़ितों के इलाज और पुनर्वास की व्यवस्था की गई है और अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक पंजाब पूरी तरह नशा मुक्त नहीं हो जाता।

लोक मिलनी के दौरान मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की अन्य उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्षों बाद नहरों और रजबहों को फिर से चालू किया गया है, जिससे दूर-दराज के गांवों तक सिंचाई का पानी पहुंचा है और कुछ इलाकों में 37 साल बाद दोबारा पानी बहना शुरू हुआ है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों को अब दिन के समय भी बिजली उपलब्ध कराई जा रही है और राज्य के लगभग 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है। साथ ही, पारदर्शी प्रक्रिया के तहत बिना किसी सिफारिश या भ्रष्टाचार के 61 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 17 टोल प्लाजा बंद किए गए हैं, जिससे प्रदेशवासियों को प्रतिदिन लाखों रुपये की बचत हो रही है।

स्वास्थ्य क्षेत्र की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यभर में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं, जहां मुफ्त इलाज और दवाइयां उपलब्ध हैं। जल्द ही मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज संभव होगा।

शिक्षा के क्षेत्र में किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए भगवंत मान ने कहा कि 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए जा रहे हैं। छात्रों को मुफ्त वर्दियां दी जा रही हैं और लड़कियों के लिए मुफ्त बस सेवा से शिक्षा तक उनकी पहुंच आसान हुई है। इसके अलावा, सशस्त्र बलों और नीट, जेईई, सीएलएटी व एनआईएफटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष कोचिंग की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है, जिनमें सैकड़ों छात्रों ने जेईई मेन्स, जेईई एडवांस्ड और नीट जैसी परीक्षाएं सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और प्राचार्यों को विश्वस्तरीय संस्थानों में प्रशिक्षण दिलाकर उनकी क्षमता को और मजबूत किया जा रहा है।

अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा गठित सड़क सुरक्षा फोर्स को न केवल राज्य में बल्कि देशभर में और संसद में भी सराहना मिली है, जो सरकार की प्रतिबद्धता और कार्यशैली को दर्शाता है।

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BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH