चंडीगढ़। पंजाब सरकार जल्द ही राज्य के 100 खनन स्थलों की नीलामी प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। राजस्व बढ़ाने और खनन क्षेत्र में सुधार लाने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है। नई प्रणाली का मकसद जटिल व्यवस्थाओं को सरल बनाना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना, एकाधिकार खत्म करना, अवैध खनन रोकना और प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग जनहित में करना है।
खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि पहले चरण में 29 वाणिज्यिक खनन स्थलों की खुली और प्रतिस्पर्धी ऑनलाइन नीलामी की गई थी। अक्टूबर-नवंबर में हुई इन नीलामियों में 16 सफल बोलियां प्राप्त हुईं और विभाग ने 11.61 करोड़ रुपये का राजस्व कमाया।
सुधारों के तहत पुरानी मात्रा-आधारित नीलामी प्रणाली को समाप्त कर दिया गया है, जिसमें बोलीदाता किसी साइट के अधिकतम हिस्से को चालू करने का प्रस्ताव देकर बोली लगाते थे, जिससे कई स्थलों पर खनन शुरू नहीं हो पाता था और राजस्व कम होता था। नई प्रणाली प्रतिस्पर्धी मूल्य-बोली (प्राइस बिडिंग) पर आधारित होगी, जिससे निष्पक्ष आवंटन और बेहतर राजस्व सुनिश्चित होगा। बोलीदाताओं को गंभीरता दिखाने के लिए अग्रिम भुगतान करना होगा और स्थिर राजस्व प्रवाह के लिए रॉयल्टी का भुगतान पहले ही एकत्र किया जाएगा।




