InternationalTop News

ईरान को अमेरिका की नई चेतावनी, ट्रंप बोले — सभी विकल्प खुले हैं

ईरान में महंगाई और सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच अमेरिका ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। शुरुआती दौर में ईरान के घटनाक्रम पर सक्रिय नजर आने के बाद अब ट्रंप प्रशासन लगातार चेतावनियों के जरिए दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। इसी कड़ी में व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी टीम ईरान की स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं और जरूरत पड़ने पर कोई भी विकल्प अपनाया जा सकता है। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के लिए सभी विकल्प खुले हैं। उन्होंने बताया कि ईरानी शासन को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई है कि अगर हत्याओं का सिलसिला जारी रहा तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।

व्हाइट हाउस का बयान

कैरोलिन लेविट ने कहा, “राष्ट्रपति और उनकी टीम ने ईरानी शासन को यह संदेश दे दिया है कि अगर फांसी और हत्याएं जारी रहीं तो इसके गंभीर नतीजे होंगे। राष्ट्रपति को जानकारी मिली है कि 800 फांसी की सजाओं को रोक दिया गया है। राष्ट्रपति और उनकी टीम स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं और सभी विकल्प खुले हैं।”

अमेरिकी सीनेटर का तीखा हमला

इस बीच, अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने ईरान के अयातुल्ला शासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ईरानी शासन के हाथ अमेरिकी खून से रंगे हैं और वह अपने ही लोगों का सड़कों पर कत्लेआम कर रहा है। ग्राहम ने कुछ मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि अमेरिका के कथित अरब सहयोगी, राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से संभावित सैन्य कार्रवाई को रोकने के लिए ईरान के पक्ष में हस्तक्षेप कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर निर्दोष लोगों के नरसंहार के बावजूद अरब देशों की प्रतिक्रिया यह है कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत नहीं है, तो भविष्य में गठबंधन की प्रकृति पर फिर से विचार करना पड़ेगा।

मरने वालों की संख्या को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े

यह पूरा घटनाक्रम ईरान में बढ़ती महंगाई और आर्थिक हालात को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच सामने आया है। देश में इंटरनेट पर पाबंदी लगा दी गई है और कई इलाकों में फोन सेवाएं भी बंद हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले हस्तक्षेप की धमकी दी थी, लेकिन बाद में कहा था कि प्रदर्शनकारियों की हत्याएं रुक गई हैं और वह सैन्य कार्रवाई पर विचार करेंगे। टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में मरने वालों की संख्या 3,000 से कम से लेकर 12,000 से अधिक तक होने का अनुमान है।

=>
=>
loading...
BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH