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पेंटागन ने नई राष्ट्रीय रक्षा रणनीति जारी की, सहयोगियों को सुरक्षा में अधिक जिम्मेदारी लेने की सलाह

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए नई राष्ट्रीय रक्षा रणनीति जारी की है। इस 34 पेज के दस्तावेज़ में अमेरिकी सहयोगियों की आलोचना की गई है और उन्हें अपनी सुरक्षा का नियंत्रण खुद संभालने की सलाह दी गई है। रणनीति में पश्चिमी गोलार्ध पर ध्यान केंद्रित करते हुए चीन के मुकाबले को पिछली प्राथमिकता के रूप में रखा गया है।

दस्तावेज़ 2022 के बाद पहला राष्ट्रीय रक्षा ब्लूप्रिंट है और इसमें यूरोप से लेकर एशिया तक के सहयोगियों पर निर्भरता को लेकर तीखी टिप्पणियां की गई हैं। इसमें कहा गया है कि सहयोगी देशों को रूस, उत्तर कोरिया और अन्य जोखिमों से निपटने में अधिक बोझ उठाना होगा। शुरुआत में कहा गया है कि लंबे समय तक अमेरिकी सरकार ने अपने ठोस हितों को नजरअंदाज किया।

पेंटागन की नई रणनीति ट्रंप प्रशासन की “अमेरिका फर्स्ट” नीति के अनुरूप है और यह विदेशों में हस्तक्षेप कम करने, अमेरिकी हितों को प्राथमिकता देने और सहयोगियों की भूमिका को मजबूत करने पर जोर देती है। पश्चिमी गोलार्ध रणनीति के तहत अमेरिका ने अपने पड़ोसियों से सहयोग मांगा है, लेकिन चेतावनी भी दी है कि वे अमेरिकी हितों का सम्मान करें और सुरक्षा में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

रणनीति में ग्रीनलैंड और पनामा नहर पर अमेरिका की पहुंच पर विशेष ध्यान दिया गया है। पेंटागन ने कहा है कि अमेरिका पश्चिमी गोलार्ध में अपने हितों की सक्रिय और निर्णायक रक्षा करेगा। इसके अलावा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो को हटाने वाली कार्रवाई की सराहना की गई और नार्को-आतंकवादियों को चेतावनी दी गई।

चीन को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक स्थापित शक्ति के रूप में देखा गया है। दस्तावेज़ में कहा गया है कि अमेरिका का लक्ष्य चीन को दबाना या अपमानित करना नहीं है, बल्कि स्थिर शांति और निष्पक्ष व्यापार के लिए सहयोग करना है। चीन के साथ सैन्य-से-सैन्य संवाद की व्यापक रेंज खोली जाएगी। नई रणनीति में ताइवान का कोई विशेष उल्लेख या गारंटी नहीं है। दक्षिण कोरिया और अन्य क्षेत्रीय सहयोगियों को उत्तर कोरिया और अन्य खतरों से निपटने की प्रमुख जिम्मेदारी दी गई है।

यूरोप में रूस को लगातार खतरा माना गया है, लेकिन दस्तावेज़ में कहा गया है कि नाटो सहयोगी पर्याप्त मजबूत हैं और पारंपरिक रक्षा की जिम्मेदारी लेने में सक्षम हैं। पेंटागन ने नाटो में अपनी भूमिका बनाए रखने के साथ यूरोप में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी को कम कर घरेलू प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित करने का संकेत दिया है।

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BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH