नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को संसद में वित्तीय वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया। बजट में ग्रामीण रोजगार को नई दिशा देते हुए सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGS) की जगह नई रोजगार गारंटी योजना ‘विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’, यानी VB–G RAM G, की घोषणा की है।
सरकार ने इस नई योजना के लिए 95,692 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। पिछले वर्ष मनरेगा के लिए 86,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। इस तरह ग्रामीण रोजगार पर खर्च में 11.27 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।
क्यों बदली गई मनरेगा?
आर्थिक समीक्षा 2025-26 में कहा गया है कि समय के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की जरूरतों का स्वरूप बदल गया है। मनरेगा के तहत काम की मांग में आई गिरावट और बदलती आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने इसके पुनर्मूल्यांकन और व्यापक सुधार की आवश्यकता बताई।
इसी के तहत केंद्र सरकार ने मनरेगा में संरचनात्मक बदलाव करते हुए VB–G RAM G कानून लागू किया है, जिसे मौजूदा व्यवस्था का एक व्यापक वैधानिक संशोधन माना जा रहा है।
VB–G RAM G योजना की प्रमुख विशेषताएं
सरकार के अनुसार, नई योजना का उद्देश्य रोजगार, पारदर्शिता, योजना निर्माण और जवाबदेही को मजबूत करना है। इसके तहत:
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रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है
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श्रमिकों के लिए शारीरिक श्रम अनिवार्य होगा
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बायोमेट्रिक उपस्थिति से काम की निगरानी की जाएगी
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दैनिक मजदूरी 370 रुपये तय की गई है
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मजदूरी की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा होगी
सरकार का कहना है कि VB–G RAM G योजना ग्रामीण आजीविका को नई मजबूती देगी और बदलते समय की जरूरतों के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगी।




