बजट सत्र के दौरान सोमवार (2 फरवरी) को संसद में एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने सभी को चौंका दिया। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में बीजेपी के मनोनीत सांसद सी. सदानंदन मास्टर ने अचानक अपने कृत्रिम पैरों को मेज पर रख दिया, जिससे सदन में भारी हंगामा शुरू हो गया। सांसद ने इस कार्रवाई के पीछे 31 साल पुरानी घटना का जिक्र करते हुए विपक्ष पर भी निशाना साधा।
सदानंदन मास्टर ने कहा कि वह देश और जनता को लोकतंत्र का संदेश देना चाहते हैं। उनके भाषण के दौरान विपक्षी सांसदों ने आपत्ति जताई। CPI-M के जॉन ब्रिटास ने सदन में कृत्रिम पैरों के प्रदर्शन पर विरोध करते हुए नियमों का हवाला दिया। इसके जवाब में सदानंदन ने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र, सहिष्णुता और मानवता की बात तो करता है, लेकिन उनकी प्रतिबद्धता राजनीतिक हिंसा पर आधारित है।
अपने संबोधन का समापन करते हुए सदानंदन मास्टर ने कहा, “मुझे खेद है कि CPI-M द्वारा की गई यातना की वजह से मैं अपना पहला भाषण देते समय खड़ा नहीं हो सका।” इसके बाद राज्यसभा के नेता जेपी नड्डा ने सभापति से अनुरोध किया कि बहस के दौरान इस्तेमाल हुए कुछ शब्द कार्यवाही से हटाए जाएं ताकि सदन की मर्यादा बनी रहे। सी. सदानंदन मास्टर केरल के BJP नेता और पूर्व शिक्षक हैं। उन्हें 12 जुलाई 2025 को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया था और 21 जुलाई 2025 को उन्होंने शपथ ली। वर्तमान में वे केरल BJP के उपाध्यक्ष भी हैं।




