BusinessNationalTop News

भारत–अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील से खुलेंगे 30,000 अरब डॉलर के अवसर, MSME और किसानों को बड़ा फायदा: पीयूष गोयल

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति बनने से भारतीय निर्यातकों के लिए लगभग 30,000 अरब डॉलर का विशाल बाजार खुलेगा। उन्होंने बताया कि इस समझौते से खास तौर पर सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (MSME), किसानों और मछुआरों को बड़ा लाभ मिलेगा। साथ ही निर्यात में बढ़ोतरी के चलते महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

भारत और अमेरिका ने शनिवार को एक संयुक्त बयान जारी कर अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति की घोषणा की। इसके तहत अमेरिका भारत पर लगाए गए जवाबी टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करेगा, जबकि भारत अमेरिका के औद्योगिक उत्पादों और खाद्य व कृषि वस्तुओं की एक विस्तृत श्रृंखला पर टैरिफ खत्म करेगा या उसमें कटौती करेगा।

पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व में भारत ने अमेरिका के साथ इस अंतरिम समझौते की मजबूत नींव रखी है। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय निर्यातकों, विशेष रूप से MSME, किसानों और मछुआरों को वैश्विक बाजार में नए अवसर मिलेंगे और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस समझौते के तहत अमेरिका में वस्त्र और परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबर उत्पाद, जैविक रसायन, घरेलू सजावटी सामान, हस्तशिल्प और चुनिंदा मशीनरी जैसे क्षेत्रों में भारतीय उत्पादों के लिए बड़े अवसर खुलेंगे, क्योंकि इन पर अमेरिकी शुल्क में उल्लेखनीय कमी आएगी।

पीयूष गोयल ने यह भी कहा कि जेनेरिक दवाइयों, रत्न और हीरे तथा विमान के कलपुर्जों सहित कई उत्पादों पर जीरो टैरिफ लागू हो जाएगा। इससे भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धा और ‘मेक इन इंडिया’ पहल को और मजबूती मिलेगी। इसके अलावा विमान कलपुर्जों पर धारा 232 के तहत छूट और वाहन कलपुर्जों पर शुल्क दर कोटा का लाभ भी भारत को मिलेगा, जिससे इन क्षेत्रों में निर्यात में तेज वृद्धि की संभावना है।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह समझौता किसानों के हितों की रक्षा और ग्रामीण आजीविका को सुरक्षित रखने की भारत की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। मक्का, गेहूं, चावल, सोया, मुर्गी पालन, दूध, पनीर, एथनॉल, तंबाकू, कुछ सब्जियां और मांस जैसे संवेदनशील कृषि एवं दुग्ध उत्पादों को इस समझौते में पूरी तरह संरक्षित रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह अंतरिम व्यापार समझौता भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करेगा और सतत विकास के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।

=>
=>
loading...
BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH