हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बीजेपी के आरोपों का जवाब देते हुए पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अच्छा होता अगर बीजेपी विधायक दल रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) बहाली के लिए राज्यपाल से मिलने लोकभवन आती और हिमाचल प्रदेश के हितों की पैरवी करती। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बीजेपी केंद्र से पैसे रोकवा कर विधायक निधि बहाल करने की बात कर रही है, जबकि हिमाचल की आर्थिक स्थिति अभी ठीक नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब स्थिति सुधरेगी, तब सरकार विधायक निधि और ऐच्छिक निधि बहाल करेगी।
सीएम सुक्खू ने कहा कि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद होने के कारण हिमाचल की आर्थिक स्थिति खराब हुई है। उन्होंने बीजेपी नेताओं से आग्रह किया कि वे प्रधानमंत्री से मिलने उनके साथ दिल्ली आएं और हिमाचल के हितों की पैरवी करें। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि आजादी के बाद पहली बार RDG बंद हुई है, इसलिए सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है, जिसमें जनता को यह बताया जाएगा कि पिछले दस सालों में केंद्र ने हिमाचल प्रदेश को क्या दिया।
बीजेपी विधायकों पर हमला करते हुए सुक्खू ने कहा कि एक फरवरी का दिन हिमाचल के लिए ‘काला दिन’ था और बीजेपी विधायक तथ्यों की बजाय दुष्प्रचार में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने RDG को लेकर 16वें वित्त आयोग और वित्त मंत्री के सामने मजबूती से अपना पक्ष रखा है। सुक्खू ने बीजेपी को आमंत्रित करते हुए कहा कि अगर उन्हें लगता है कि कहीं ढील है, तो कांग्रेस सरकार उनके नेतृत्व में प्रधानमंत्री के पास चलने के लिए तैयार है ताकि RDG बहाली में सहयोग किया जा सके।




