मलेशिया दौरे के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ डेलिगेशन स्तर की बैठक की। बैठक के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस बयान में द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर अपने विचार रखे। दोनों देशों ने आपसी रिश्तों को और मजबूत करने तथा सहयोग के नए क्षेत्रों को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।
मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने पीएम मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि भारत और मलेशिया के बीच संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। उन्होंने पीएम मोदी और उनकी टीम का आभार जताया और कहा कि दोनों देशों ने कुछ अहम और संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा की है, जिन्हें दोनों पक्षों की टीमें आगे संबोधित करेंगी। उन्होंने पीएम मोदी की व्यक्तिगत यात्रा और संघर्ष की भी सराहना करते हुए उन्हें भारत का सच्चा मित्र बताया।
पीएम मोदी ने जताया आभार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशियाई नेतृत्व और जनता का गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह उनकी प्रधानमंत्री के रूप में तीसरी मलेशिया यात्रा है और अनवर इब्राहिम के कार्यकाल में उनसे चौथी मुलाकात, जो दोनों देशों के रिश्तों की गहराई और निरंतरता को दर्शाती है। पीएम मोदी ने कहा कि बीते वर्षों में भारत–मलेशिया संबंधों ने नई गति और मजबूती हासिल की है।
हर क्षेत्र में बढ़ रहा सहयोग
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया का सहयोग कृषि, विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, स्किल डेवलपमेंट और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में लगातार गहरा हो रहा है। रक्षा और सुरक्षा सहयोग भी मजबूत हुआ है। उन्होंने ASEAN की सफल अध्यक्षता के लिए मलेशिया को बधाई दी और कहा कि भारत, ASEAN के साथ अपने संबंधों को और सशक्त करना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच रिश्तों की असली ताकत लोगों के बीच संपर्क है। लगभग 30 लाख भारतीय मूल के मलेशियाई नागरिक दोनों देशों के बीच एक जीवंत सेतु का काम कर रहे हैं। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में आपसी सहयोग को उन्होंने बेहद अहम बताया।
भारत–मलेशिया संबंधों पर स्पष्ट संदेश
पीएम मोदी ने कहा कि उनके दौरे का स्पष्ट संदेश है कि भारत, मलेशिया के साथ मिलकर संबंधों को नई ऊंचाई तक ले जाना चाहता है और हर संभव क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना चाहता है। डेलिगेशन स्तर की बैठक के बाद स्वास्थ्य, राष्ट्रीय सुरक्षा, श्रम समेत कई क्षेत्रों में समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया काउंटर टेररिज्म, इंटेलिजेंस शेयरिंग और समुद्री सुरक्षा में सहयोग बढ़ाएंगे। डिफेंस सहयोग को भी और विस्तार दिया जाएगा। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, हेल्थ और फूड सिक्योरिटी में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है। CEO फोरम के जरिए ट्रेड और निवेश के नए अवसर भी खुले हैं।
मलेशियाई पीएम ने भारत की विकास यात्रा की सराहना
प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कहा कि भारत की तेज आर्थिक प्रगति ASEAN के लिए भी फायदेमंद है। उन्होंने दोनों देशों के बीच व्यापार को आगे बढ़ाने, लोकल करेंसी में लेनदेन, शिक्षा, पर्यटन और कनेक्टिविटी पर विशेष जोर देने की बात कही। उन्होंने भारत में शिक्षा के क्षेत्र में हुए विकास की सराहना करते हुए कहा कि मलेशियाई छात्रों के लिए भारत एक आकर्षक गंतव्य बन रहा है।
सेमीकंडक्टर और हेल्थकेयर में अहम समझौते
मलेशियाई प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत और मलेशिया ने अपने रिश्तों को 2024 में कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया है। दोनों देशों के बीच ट्रेड, इन्वेस्टमेंट, सेमीकंडक्टर, डिजिटल इकॉनमी, एनर्जी, एग्रीकल्चर, सिक्योरिटी, डिफेंस, एजुकेशन, हेल्थकेयर, टूरिज्म और सांस्कृतिक सहयोग को और गहरा करने पर सहमति बनी है। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच 11 अहम दस्तावेजों और एमओयू का आदान-प्रदान भी हुआ।




