असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ‘भूमि हड़पने’ के आरोपों को लेकर कांग्रेस नेताओं पर तीखा हमला बोला है। मानहानि का मुकदमा दायर करने के बाद सरमा ने कांग्रेस को चुनौती दी कि वे उनकी कथित 12,000 बीघा ‘अवैध जमीन’ की सूची अदालत में पेश करें, अन्यथा 500 करोड़ रुपये का हर्जाना दें।
बोंगाईगांव में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सरमा ने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गोगोई ने स्वयं स्वीकार किया है कि वह 2013 में पाकिस्तान के रावलपिंडी गए थे और बिना वीज़ा के वहां पहुंचे थे। सरमा ने आरोप लगाया कि यदि कोई बिना वीज़ा के वहां गया है, तो संभव है कि वह “स्टेट गेस्ट” के रूप में गया हो। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मौजूद वीडियो क्लिप अदालत में पेश करने के लिए पर्याप्त है।
इससे पहले गौरव गोगोई ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि दिसंबर 2013 में वह अपनी पत्नी के साथ 10 दिन के लिए पाकिस्तान गए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने इस यात्रा के लिए अनुमति ली थी और वे तक्षशिला भी गए थे। गोगोई के मुताबिक उनकी पत्नी एलिज़ाबेथ कूलबर्न 2012 में नई दिल्ली आने से पहले एक साल तक इस्लामाबाद में तैनात थीं और शादी के बाद उनकी यह यात्रा काम से संबंधित थी। सीएम सरमा ने रावलपिंडी जिले में स्थित तक्षशिला की यात्रा को लेकर गोगोई से “पारदर्शी स्पष्टीकरण” मांगा था। इस पर गोगोई ने पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अपने ही बयानों में उलझ रहे हैं और जनता को गुमराह कर रहे हैं। दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह मुद्दा अब राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर गरमाता नजर आ रहा है।




