हरियाणा सरकार ने वीआईपी और वीवीआईपी उड़ानों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब खराब मौसम की स्थिति में राज्य के विशेष विमानों को उड़ान भरने की अनुमति आसानी से नहीं दी जाएगी। नई व्यवस्था के तहत मुख्यमंत्री सहित कोई भी वीआईपी मौसम संबंधी नियमों से ऊपर नहीं रहेगा।
नागरिक उड्डयन विभाग ने इस संबंध में टेंडर जारी किया है और स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार ने उड़ानों के लिए अत्याधुनिक डिजिटल सिस्टम को अनिवार्य करने की प्रक्रिया शुरू की है। इसमें ई-फ्लाइट प्लानिंग, रियल-टाइम मौसम अपडेट, नेविगेशन अलर्ट, फ्लाइट डिस्पैच मॉनिटरिंग और लोड कंट्रोल जैसी व्यवस्थाएं शामिल होंगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि मौसम निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है, तो उड़ान स्थगित की जा सके, चाहे वह किसी उच्च पदाधिकारी की ही क्यों न हो। देश के विभिन्न हिस्सों में खराब मौसम के दौरान विमान और हेलीकॉप्टर हादसों की घटनाओं को देखते हुए विभाग ने यह एहतियाती कदम उठाया है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा है, न कि उड़ान की जल्दबाजी।
जारी टेंडर 26 फरवरी को खोला जाएगा। इसमें वही कंपनियां आवेदन कर सकेंगी, जिनके पास फ्लाइट प्लानिंग, तकनीकी मॉनिटरिंग और एविएशन सपोर्ट सेवाओं का अनुभव हो। इसके अलावा, उनके पास आवश्यक डिजिटल प्लेटफॉर्म, तकनीकी ढांचा और वैध दस्तावेज होना अनिवार्य होगा। डिजिटल सिग्नेचर और अन्य वैधानिक प्रमाणपत्र भी जरूरी शर्तों में शामिल हैं। सरकार का मानना है कि आधुनिक तकनीक और सख्त निगरानी व्यवस्था के माध्यम से वीआईपी उड़ानों को और अधिक सुरक्षित बनाया जा सकेगा।




