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श्रीकांत पाण्डेय: गाँव के शिक्षक से मीडिया एम्पायर के फाउंडर तक का प्रेरणादायक सफर

आँखों मै कुछ बड़ा करने के सपने हो, आगे बढ़ने की तमन्ना हो और परिवार का सहयोग और साथ मिल जाये तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है ऐसी ही कहानी है श्रीकांत पाण्डेय की, कभी गाँव मै शिक्षक से शुरुआत की थी आज़ हैं कई बड़ी मीडिया पब्लिकेशनस कंपनी के फाउंडर और सीईओ। श्रीकांत पांडये की कहानी बहुत ही प्रेरणादायक है आपने अपनी पढ़ाई और करियर की शुरुआत से ही बिज़नेस और उद्यमशीलता में रुचि दिखाई है। आपकी उद्यमशील यात्रा की शुरुआत 2015 में Indiamanthan Publications & Media Pvt. Ltd. की स्थापना के साथ हुई, जो आज कई ब्रांड्स के साथ एक सफल बिज़नेस कम्युनिटी का निर्माण कर रही है।
संख्याएं सिर्फ़ समीकरण नहीं है, इंसानों के साथ जुड़ाव और रिश्ते ही असली समीकरण और संवाद है

श्रीकांत पांडये की कहानी से यह पता चलता है कि अगर आप अपने जुनून के प्रति समर्पित रहते हैं और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं, तो आप अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं। आपको बता दें, श्रीकांत पाण्डेय जी को राष्ट्रीय स्तर पर Crafting Bharat Awards 2025 (40 Under 40) सम्मानित किया जा चुका है, और साथ ही साथ ET Now – Excellence in Business Journalism अवार्ड भी मिल चुका है। ये सम्मान मेरे लिए सिर्फ उपलब्धि नहीं, बल्कि ज़िम्मेदारी भी है, कि मैं आने वाले कल के लिए और अधिक सार्थक कार्य कर सकूँ।

न्यूज़ जर्नलिस्ट अंकित गोयल की खास बातचीत:

1) पाण्डेय जी, अपनी शुरुआती यात्रा के बारे में कुछ बतायें और परिवार का कितना सहयोग मिला?

मेरी करियर की शुरुआत एक शिक्षक के रूप में हुई। मैंने अपना कोचिंग सेंटर भी शुरू किया, जहाँ मैं कक्षा 9वीं से लेकर BSc 1st Year तक के छात्रों को गणित (Maths) और भौतिकी (Physics) पढ़ाता था। उस दौर ने मुझे अनुशासन, धैर्य और लोगों को आगे बढ़ते देखने की खुशी सिखाई—और यहीं से मेरे भीतर यह विश्वास मजबूत हुआ कि सही मार्गदर्शन से किसी का भविष्य बदला जा सकता है।

इसके बाद मैं पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए बेंगलुरु गया, जहाँ मैंने MBA किया। MBA के बाद मुझे अलग-अलग कंपनियों में काम करने का अवसर मिला—जिससे मुझे बिज़नेस, मार्केट, सेल्स-मार्केटिंग और मैनेजमेंट की व्यावहारिक समझ मिली। यह अनुभव मेरे लिए एक तरह से “रियल वर्ल्ड ट्रेनिंग” था, जिसने मुझे बड़े लक्ष्य के लिए तैयार किया।

फिर मैं दिल्ली आया और 2015 में अपनी कंपनी शुरू की। इस पूरी यात्रा में मेरे परिवार का सहयोग बहुत बड़ा आधार रहा। जब आप एक सुरक्षित रास्ते से निकलकर अपना रास्ता बनाते हैं, तो परिवार का भरोसा और साथ आपको आत्मविश्वास देता है। मेरे लिए परिवार ने सिर्फ साथ नहीं दिया—उन्होंने मेरे सपने पर विश्वास किया, और वही विश्वास मेरी सबसे बड़ी ताकत बना।

2) आपके लिए उद्यमशीलता का सबसे बड़ा आकर्षण क्या है और आप इसे अपने जीवन में कैसे शामिल करते हैं?

उद्यमशीलता का सबसे बड़ा आकर्षण मेरे लिए यह है कि आप अपने विचारों को वास्तविकता में बदलते हैं, और उस प्रक्रिया में आप नौकरी नहीं, समाधान बनाते हैं। मैं इसे अपने जीवन में इस तरह शामिल करता हूँ कि हर दिन खुद से एक सवाल पूछता हूँ, “आज मेरे काम से किसी का जीवन थोड़ा बेहतर कैसे होगा?” यही सोच मुझे कंटेंट, कम्युनिटी और मीडिया प्लेटफॉर्म बनाने की दिशा देती है—जहाँ लोग सीखें, जुड़ें और आगे बढ़ें।

3) आपके करियर में सबसे बड़ा मोड़ क्या था जिसने आपको अपनी खुद की कंपनी शुरू करने के लिए प्रेरित किया?

मेरे करियर का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब मैं Advertising/Marketing और Business Development की भूमिकाओं में काम कर रहा था, Rediff.com में इंटर्नशिप, फिर Getit Infoservices, TradeIndia जैसी जगहों पर अनुभव मिला।
इन भूमिकाओं ने मुझे समझाया कि बाज़ार में प्रतिभा बहुत है, लेकिन विश्वसनीय प्लेटफॉर्म कम हैं जो सही लोगों की सही कहानियाँ सामने ला सकें।

यहीं से मुझे लगा कि अगर मुझे सच में कुछ सार्थक बनाना है, तो मुझे अपनी राह खुद बनानी होगी। उसी सोच ने मुझे 2015 में Indiamanthan शुरू करने की प्रेरणा दी (बाद में 2018 में कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के रूप में रजिस्टर हुई)।

4) आपके बिज़नेस का विज़न क्या है और आप इसे कैसे पूरा करने की योजना बना रहे हैं?

गोयल जी! मेरा विज़न है, भारत के उद्यमियों, बिज़नेस लीडर्स और प्रोफेशनल्स के लिए एक भरोसेमंद बिज़नेस इकोसिस्टम बनाना, जहाँ अच्छी कहानियाँ सामने आएँ, सही ज्ञान पहुँचे और लोगों को नेटवर्क के साथ भी अवसर मिलें।

इसे पूरा करने के लिए हम लगातार मीडिया, कम्युनिटी, डिजिटल प्लेटफॉर्म, और कंटेंट-एजुकेशन के जरिए काम कर रहे हैं। हमारे ब्रांड्स; The CEO Magazine, StartupCity Magazine, Business Story, Pratinidhi Manthan, The Pothi Srijan, The Social Manthan, The Corporate Women, The Business Women, The 100 CEO, Apnarozgaar, इन सबका उद्देश्य एक ही है: लोगों की growth में योगदान देना।

5) आपके लिए सबसे बड़ा चैलेंज क्या है और आप उसे कैसे पार करते हैं?

सबसे बड़ा चैलेंज है क्वालिटी और भरोसे को हर दिन बनाए रखना, क्योंकि मीडिया में असली पूँजी “विश्वसनीयता” होती है। मैं इसे पार करने के लिए तीन चीजों पर फोकस करता हूँ:

Consistency (रोज़ बेहतर काम)

Systems (टीम और प्रक्रिया मजबूत करना)

Learning mindset (हर बदलाव के साथ खुद को अपडेट रखना)

6) आपके बिज़नेस में सबसे बड़ा सबक क्या सीखा है और उसे कैसे लागू करते हैं?

सबसे बड़ा सबक: “Numbers जरूरी हैं, लेकिन रिश्ते और भरोसा सबसे जरूरी हैं।”

मैंने सीखा कि ग्रोथ सिर्फ रेवेन्यू या रिच का नाम नहीं—ग्रोथ का असली अर्थ है लोगों के साथ सम्मानजनक संवाद, लंबे रिश्ते, और value-driven काम।

इसीलिए हम हर क्लाइंट को “एक प्रोजेक्ट” नहीं, “एक संबंध” की तरह लेते हैं; यही हमारी संस्कृति है।

7) आपके लिए सबसे बड़ा रिवॉर्ड क्या है और आप उसे कैसे महसूस करते हैं?

मेरे लिए सबसे बड़ा रिवॉर्ड तब होता है जब कोई पाठक कहता है!
“आपकी कहानी देखकर मुझे दिशा मिली” या “मैंने हिम्मत की।”
क्योंकि अंत में, मीडिया का काम सिर्फ खबर देना नहीं; उम्मीद और सीख देना भी है।

8) आपके बिज़नेस में AI-driven insights का क्या महत्व है और आप इसे कैसे इस्तेमाल करते हैं?

आज AI हमारे लिए एक बड़ा सहायक है। यह हमें यह समझने में मदद करता है कि लोग क्या पढ़ना चाहते हैं, किस विषय पर सही जानकारी की ज़रूरत है, और किस तरह कंटेंट को ज्यादा उपयोगी बनाया जा सकता है। हम AI का उपयोग research, audience insights, content planning, workflow automation जैसे कामों में करते हैं, लेकिन अंतिम निर्णय हमेशा human editorial judgment से ही होता है, ताकि गुणवत्ता, संवेदनशीलता और सच्चाई बनी रहे।

9) आपके लिए बिज़नेस कम्युनिटी का निर्माण करना क्यों महत्वपूर्ण है और आप इसे कैसे बढ़ावा देते हैं?

क्योंकि अकेला व्यक्ति तेज़ चल सकता है, लेकिन कम्युनिटी मिलकर दूर तक जाती है।
एक मजबूत बिज़नेस कम्युनिटी के जरिए: mentorship मिलती है partnerships बनती हैं, trust और opportunities बढ़ती हैं|हम इसे इंटरव्यू, फीचर्स, इवेंट्स/कॉन्क्लेव, नेटवर्किंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से बढ़ावा देते हैं, जहाँ लोग सिर्फ दिखें नहीं, बल्कि जुड़ें और सीखें।

10) आपके बिज़नेस में सबसे बड़ा परिवर्तन क्या है जो आप देखना चाहते हैं और आप इसे कैसे पूरा करने की योजना बना रहे हैं?

मैं मीडिया में यह परिवर्तन देखना चाहता हूँ कि “वायरल” से ज्यादा “वैल्यू” महत्वपूर्ण बने।
कम क्लिक-बेट, ज्यादा ज्ञान, कम शोर, ज्यादा सार।

इसे हम फैक्ट-चेक, बेहतर स्टोरीटेलिंग, डीप रिसर्च, और ऑडियंस-एजुकेशन के जरिए लगातार लागू कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि हमारी हर स्टोरी पाठक के लिए “समय की बचत + सोच का विस्तार” करे।

11) आपके लिए सबसे बड़ा सपना क्या है और आप इसे कैसे पूरा करने की योजना बना रहे हैं?

मेरा सबसे बड़ा सपना है कि Indiamanthan का इकोसिस्टम भारत से निकलकर ग्लोबल लेवल पर भरोसेमंद बिज़नेस मीडिया/कम्युनिटी के रूप में पहचाना जाए, और साथ ही हम सामाजिक स्तर पर भी वास्तविक योगदान करें।
इस दिशा में हम ब्रांड विस्तार, नई verticals, मजबूत कम्युनिटी मॉडल और टेक-सक्षम सिस्टम्स के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

12) आपकी राय में नए स्टार्टप्स के लिए क्या व्यवहारिक सुझाव हैं, जिससे वो सफलता की ओर बढ़ेंगे?

मेरे व्यावहारिक सुझाव बहुत सीधे हैं:

Problem first, product later – पहले समस्या समझो, फिर समाधान बनाओ।

Cashflow पर ध्यान – “Revenue is oxygen.” भावनाओं से नहीं, cashflow से बिज़नेस चलता है।

एक niche पकड़ो – सबके लिए सब कुछ बनना सबसे बड़ी गलती है।

Customer feedback को धर्म मानो – ग्राहक की बात रोज़ सुनो, तेज़ सुधार करो।

Team + Systems – अकेले नहीं, सिस्टम और टीम से स्केल होता है।

Brand trust बनाओ – short-term hype नहीं, long-term credibility।

Consistency – 6 महीने लगातार काम करने वाला स्टार्टअप, 60% भीड़ से आगे निकल जाता है।

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BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH