डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी लाडली बहना योजना की 33वीं किस्त जारी कर दी है। खंडवा जिले के पंधाना में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से उन्होंने सिंगल क्लिक के जरिए करीब 1.25 करोड़ महिलाओं के खातों में 1500-1500 रुपये ट्रांसफर किए। इस बार बढ़ी हुई राशि के साथ कुल 1836 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया। इससे पहले 32वीं किस्त नर्मदापुरम से 16 जनवरी को जारी की गई थी, जिसमें 1856 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे। सरकार के मुताबिक अब तक योजना के तहत 52 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि महिलाओं के खातों में भेजी जा चुकी है। हर महीने 10 से 15 तारीख के बीच किस्त जारी की जा रही है।
खाते में पैसा नहीं आया तो क्या हो सकते हैं कारण
हालांकि बड़ी संख्या में महिलाओं को किस्त मिल चुकी है, लेकिन कुछ लाभार्थियों के खाते में राशि नहीं पहुंची है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं।जिन महिलाओं की उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक हो चुकी है, उनके नाम पोर्टल से स्वत: हट सकते हैं। जिनका बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है, उनकी किस्त अटक सकती है। ई-केवाईसी प्रक्रिया अधूरी होना, समग्र आईडी डिलीट हो जाना, बायोमेट्रिक सत्यापन न होना या बैंक खाते में डीबीटी सक्रिय नहीं होना भी भुगतान रुकने की वजह बन सकता है।
किन महिलाओं को मिलता है योजना का लाभ
योजना का लाभ उन्हीं महिलाओं को मिलता है जो निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करती हैं। लाभार्थी महिला मध्य प्रदेश की मूल निवासी और विवाहित होनी चाहिए। इसमें विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं भी शामिल हैं। आयु सीमा 21 से 60 वर्ष के बीच तय की गई है।महिला के नाम से स्वयं का बैंक खाता होना अनिवार्य है। संयुक्त खाता मान्य नहीं है और खाते में डीबीटी सक्रिय होना जरूरी है।
ऐसे करें अपना नाम और स्टेटस चेक
अगर किस्त खाते में नहीं आई है तो लाभार्थी आधिकारिक पोर्टल cmladlibahna.mp.gov.in पर जाकर स्टेटस चेक कर सकते हैं।पोर्टल पर मोबाइल नंबर और ओटीपी के जरिए लॉगिन करें।इसके बाद फाइनल लिस्ट या आवेदन एवं भुगतान की स्थिति का विकल्प चुनें।रजिस्ट्रेशन नंबर या आईडी दर्ज करें और ओटीपी सबमिट करें।
स्क्रीन पर पेमेंट की स्थिति दिखाई देगी।जिला, लोकल बॉडी, ग्राम पंचायत या वार्ड चुनकर लाभार्थी सूची में अपना नाम भी देखा जा सकता है




