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इज़रायल बनाम ईरान: सैन्य ताकत की तुलना में कौन भारी?

इज़रायल द्वारा तेहरान में हमले की खबरों के बाद मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर है। ईरान की राजधानी में कई धमाकों की सूचना मिली है। एक ईरानी अधिकारी के अनुसार, सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई को एहतियातन सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। ऐसे माहौल में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर दोनों देशों के बीच सीधा सैन्य संघर्ष होता है तो किसकी ताकत भारी पड़ेगी। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय रक्षा रिपोर्टों के आधार पर दोनों देशों की क्षमताओं की तुलना इस प्रकार है।

रक्षा बजट और जनशक्ति

इज़रायल का वार्षिक रक्षा बजट लगभग 19 अरब डॉलर बताया जाता है, जबकि ईरान का बजट करीब 7.4 अरब डॉलर है। यानी खर्च के मामले में इज़रायल काफी आगे है। जीडीपी के अनुपात में भी इज़रायल रक्षा पर ज्यादा निवेश करता है। हालांकि जनसंख्या के लिहाज से ईरान, इज़रायल से कई गुना बड़ा है। लंबी अवधि के युद्ध में मानव संसाधन और लॉजिस्टिक सपोर्ट ईरान की ताकत माने जाते हैं।

वायुसेना: इज़रायल की सबसे बड़ी बढ़त

इज़रायल की वायुसेना तकनीकी रूप से बेहद उन्नत मानी जाती है। उसके पास करीब 600 से अधिक आधुनिक विमान हैं, जिनमें F-35I, F-16I और F-15I जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान शामिल हैं।ईरान के पास भी सैकड़ों विमान हैं, लेकिन उनमें से कई पुराने मॉडल के हैं जैसे F-4, F-5 और F-14। रूस से Su-35 जैसे नए विमान लेने की योजना पर काम जारी है, पर अभी पूरी तरह शामिल नहीं हुए हैं।तकनीक, सटीक हमले और स्टील्थ क्षमता के कारण वायु शक्ति में इज़रायल को स्पष्ट बढ़त मानी जाती है।

मिसाइल और ड्रोन: ईरान की ताकत

मिसाइल और ड्रोन क्षमता में ईरान क्षेत्रीय स्तर पर मजबूत माना जाता है। उसके पास हजारों बैलिस्टिक मिसाइलें होने का अनुमान है।
Fattah, Khorramshahr और Sejjil जैसी लंबी दूरी की मिसाइलें तथा Shahed-136 जैसे ड्रोन उसकी प्रमुख ताकत हैं।
ड्रोन युद्ध और सैचुरेशन अटैक रणनीति में ईरान संख्या और विविधता के आधार पर बढ़त रखता है।

एयर डिफेंस सिस्टम: इज़रायल की मजबूत ढाल

इज़रायल की मल्टी-लेयर रक्षा प्रणाली दुनिया की सबसे उन्नत प्रणालियों में गिनी जाती है।
Iron Dome छोटे रॉकेट रोकने में अत्यधिक सफल माना जाता है।
David’s Sling और Arrow-2/3 लंबी दूरी की मिसाइलों को रोकने में सक्षम हैं।
ईरान के पास Bavar-373 और रूसी S-300 जैसे सिस्टम हैं, लेकिन विशेषज्ञ उन्हें इज़रायल की बहुस्तरीय रक्षा प्रणाली से कम प्रभावी मानते हैं।

नौसेना: संख्या बनाम गुणवत्ता

ईरान के पास जहाजों की संख्या अधिक है, लेकिन तकनीकी दृष्टि से कई पोत पुराने हैं।
इज़रायल के पास कम संख्या में जहाज हैं, लेकिन उसकी Dolphin-II श्रेणी की पनडुब्बियों को रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जाता है। इन्हें “सेकेंड स्ट्राइक क्षमता” से जोड़ा जाता है।

परमाणु क्षमता: संतुलन बदलने वाला पहलू

इज़रायल ने आधिकारिक रूप से परमाणु हथियार होने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ मानते हैं कि उसके पास पर्याप्त परमाणु क्षमता है। Jericho-III मिसाइलों और पनडुब्बियों के माध्यम से जवाबी हमला संभव माना जाता है।
ईरान के पास फिलहाल परमाणु हथियार नहीं है, हालांकि उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जाती रही है।

कौन ज्यादा ताकतवर?

इज़रायल की ताकतें
उन्नत वायुसेना और स्टील्थ तकनीक
मल्टी-लेयर एयर डिफेंस
उच्च सटीकता वाली सर्जिकल स्ट्राइक क्षमता
संभावित परमाणु प्रतिरोधक क्षमता
मजबूत साइबर क्षमताएं

ईरान की ताकतें

विशाल मिसाइल और ड्रोन भंडार
क्षेत्रीय प्रॉक्सी नेटवर्क
बड़ी जनसंख्या और लंबा युद्ध लड़ने की क्षमता
भौगोलिक विस्तार और रणनीतिक गहराई

सारांश रूप में, तकनीकी और रक्षा ढांचे में इज़रायल को बढ़त हासिल है, जबकि मिसाइल भंडार, ड्रोन क्षमता और दीर्घकालिक युद्ध की रणनीति में ईरान मजबूत माना जाता है। किसी भी प्रत्यक्ष संघर्ष का परिणाम केवल सैन्य ताकत ही नहीं, बल्कि रणनीति, अंतरराष्ट्रीय समर्थन और क्षेत्रीय समीकरणों पर भी निर्भर करेगा।

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BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH