इज़रायल और अमेरिका ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ईरान की राजधानी तेहरान में कई ठिकानों पर बड़े हमले किए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक एक साथ दर्जनों स्थानों को निशाना बनाया गया। हालात की गंभीरता को देखते हुए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है। हमलों में ईरान के कुछ वरिष्ठ कमांडरों के मारे जाने का भी दावा किया जा रहा है। हमले के बाद ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि वह अब तक का सबसे घातक पलटवार कर सकता है। ऐसे में क्षेत्र में बड़े सैन्य टकराव की आशंका बढ़ गई है।
भारत ने जारी की एडवाइजरी
बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने इज़रायल में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। भारतीयों से कहा गया है कि वे अत्यंत सावधानी बरतें और हर समय सतर्क रहें। एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए सभी भारतीय नागरिक स्थानीय प्रशासन और इज़रायली गृह मोर्चा कमान द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें। अनावश्यक आवाजाही से बचें और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करें।
ट्रंप का सख्त बयान
हमलों के बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान भी चर्चा में है। उन्होंने कहा कि ईरान को हथियार डालने होंगे, अन्यथा उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि खतरे को समाप्त करने के लिए अभियान शुरू हो चुका है और आगे की कार्रवाई जारी रह सकती है।
परमाणु ठिकानों को बनाया गया निशाना
बताया जा रहा है कि हमलों में ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों को भी निशाना बनाया गया है। इज़रायल ने इस सैन्य अभियान को ‘शील्ड ऑफ जुदाह’ नाम दिया है। इज़रायल और अमेरिका की ओर से आगे भी कार्रवाई जारी रहने के संकेत दिए गए हैं। क्षेत्रीय तनाव के बीच पूरी दुनिया की निगाहें इस घटनाक्रम पर टिकी हैं। भारत के लिए भी यह स्थिति संवेदनशील है, क्योंकि पश्चिम एशिया में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक और पेशेवर कार्यरत हैं। ऐसे में सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है।





