ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के मारे जाने की खबरों के बाद पश्चिम एशिया में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। ईरान ने जवाबी कार्रवाई तेज करते हुए अपने विरोधियों और क्षेत्रीय ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए हैं। बढ़ते संकट के बीच नेपाल ने रविवार को एक आपात दल का गठन किया है।
नेपाल के विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में उभरती स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात को देखते हुए एक व्यापक राहत रणनीति तैयार की जाएगी। साथ ही यह भी दावा किया गया कि विभिन्न खाड़ी देशों में रह रहे सभी नेपाली नागरिक फिलहाल सुरक्षित हैं।
विदेश मंत्रालय ने विदेश सचिव अमृत बहादुर राय की अध्यक्षता में एक आपात राहत दल गठित किया है। मंत्रालय ने बयान में कहा कि मौजूदा मतभेदों को कूटनीति और संवाद के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए तथा नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बनाए रखना आवश्यक है।
इधर, अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। ईरान ने दावा किया है कि उसके शीर्ष नेतृत्व और अधिकारियों को निशाना बनाए जाने के बाद उसने बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई शुरू की है। ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने ‘ऑपरेशन ट्रुथफुल प्रॉमिस 4’ के तहत इजरायल, अमेरिकी सैन्य अड्डों और खाड़ी क्षेत्र के ठिकानों पर सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं।
तेल अवीव और यरुशलम में सायरन बजने की खबरें सामने आई हैं, जहां कई इलाकों में हमलों से नुकसान हुआ है। इसके अलावा कुवैत में अमेरिकी एयर बेस को भी निशाना बनाए जाने की सूचना है। दुबई, दोहा और अबू धाबी सहित कई शहरों में धमाकों की आवाजें सुने जाने की खबरें हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।




