आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर आयोजित रैली में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। वर्चुअल संबोधन में मान ने कहा कि पंजाब 2027 के विधानसभा चुनाव में ‘आप’ को 100 सीटों का समर्थन देगा और तानाशाही राजनीति को बदलने के लिए मजबूती से पार्टी के साथ खड़ा है।
मान ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी ने साजिश के तहत आम आदमी पार्टी को खत्म करने की कोशिश की, लेकिन अब सच्चाई देश के सामने आ चुकी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पंजाब के साथ भेदभाव कर रही है और आरडीएफ व जीएसटी के हजारों करोड़ रुपये रोक रखे हैं। बाढ़ राहत के लिए घोषित राशि भी पूरी तरह जारी नहीं की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी पार्टी पर संकट आता है, वह पहले से ज्यादा मजबूत होकर निकलती है। उन्होंने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि सच को दबाया नहीं जा सकता। उनके मुताबिक, आम आदमी पार्टी ने राजनीति का एजेंडा बदल दिया है और अब अन्य दलों को भी शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, रोजगार और बुनियादी ढांचे जैसे मुद्दों पर बात करनी पड़ रही है।
मान ने पार्टी नेताओं पर दर्ज मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधारों के बाद शीर्ष नेताओं को कानूनी मामलों में घेरा गया। उन्होंने कहा कि अदालतों के चक्कर लगाना ही सबसे बड़ी सजा बन जाता है। जालंधर उपचुनाव के दौरान पार्टी नेतृत्व के जेल में होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने दावा किया कि कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर जीत हासिल की।
अपने संबोधन में मान ने ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव का जिक्र किया और कहा कि संघर्षों से आंदोलन और मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि पार्टी अब राष्ट्रीय स्तर पर उभर चुकी है और उसे रोका नहीं जा सकता।
केंद्र पर निशाना साधते हुए मान ने कहा कि देश किसी एक व्यक्ति या दल की जागीर नहीं है। उन्होंने पंजाब के स्वतंत्रता संग्राम, हरित क्रांति और सीमा सुरक्षा में योगदान को याद करते हुए कहा कि राज्य के साथ सौतेला व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा। भाषण के अंत में उन्होंने कहा कि पंजाब हमेशा पार्टी नेतृत्व के साथ चट्टान की तरह खड़ा रहेगा और 2027 में भारी बहुमत के साथ सरकार बनाकर दिखाएगा।




