प्रदेश सरकार के नए बजट से साइबर सिटी गुरुग्राम की चमक और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। बजट में विभिन्न क्षेत्रों को मजबूती देने के साथ-साथ दिल्ली से बावल तक नमो भारत कॉरिडोर विकसित करने की घोषणा ने इस परियोजना को नई गति मिलने के संकेत दिए हैं। माना जा रहा है कि यह कॉरिडोर न केवल गुरुग्राम बल्कि आसपास के औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा
दिल्ली से बावल तक प्रस्तावित Namo Bharat कॉरिडोर से ट्रैफिक दबाव कम होगा, प्रदूषण घटेगा और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। विकास विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।
इसके साथ ही गुरुग्राम-पटौदी रोड के हरसरु बाईपास से वजीरपुर होते हुए झज्जर तक छह-लेन सड़क और फरुखनगर बाईपास का निर्माण शहर के विस्तार को नई दिशा देगा। आने वाले समय में शहर के भीतर नए शहरी क्लस्टर विकसित होने की संभावना जताई जा रही है।
औद्योगिक ढांचे को मजबूती
गुरुग्राम और मानेसर में कॉमन इंडस्ट्रियल सेक्रेटेरिएट स्थापित करने का प्रावधान भी बजट में शामिल है। उद्योग संगठनों का कहना है कि यदि औद्योगिक क्षेत्रों की आधारभूत संरचना को और मजबूत करने पर अधिक जोर दिया जाए तो विकास और तेज हो सकता है।
बजट में औद्योगिक अवसंरचना सुदृढ़ करने के लिए 500 करोड़ रुपये का सक्षम कोष और जैव-फार्मा व लाइफ साइंस सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ रुपये की पहल को सकारात्मक कदम बताया गया है। ग्रीन फंड की स्थापना से सतत और हरित ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा। नई दीर्घकालिक भूमि पट्टा नीति उद्योगों पर वित्तीय दबाव कम करेगी।
महिला सशक्तीकरण के लिए नारी मंडपम
महिलाओं के कौशल विकास, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए साइबर सिटी में ‘नारी मंडपम’ स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य विभिन्न औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों के अनुरूप प्रशिक्षित महिला कार्यबल तैयार करना है। सरकार का मानना है कि रोजगार के अवसरों का लाभ तभी मिलेगा जब कौशल विकास पर ठोस काम किया जाए।
यातायात और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार
सदर्न पेरिफेरल रोड पर एलिवेटेड कॉरिडोर, क्लोवर लीफ और पांच प्रमुख फ्लाईओवर जैसी मॉडल रोड परियोजनाओं से यातायात व्यवस्था में व्यापक सुधार की उम्मीद है। हरसरु, कादीपुर और वजीराबाद में नई ईएसआई डिस्पेंसरी खोलने तथा मानेसर के ईएसआईसी अस्पताल को 200 बिस्तरों तक अपग्रेड कर मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की घोषणा भी विकास की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
उद्योग जगत की प्रतिक्रिया
गुड़गांव उद्योग एसोसिएशन और गुरुग्राम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री से जुड़े प्रतिनिधियों ने बजट को प्रगतिशील बताया, हालांकि उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की मजबूती पर और अधिक ध्यान देने की आवश्यकता जताई। उनका कहना है कि प्रदेश के कुल राजस्व में उद्योगों का 40 प्रतिशत से अधिक योगदान है, इसलिए मौजूदा औद्योगिक क्षेत्रों की जर्जर अवसंरचना को विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप विकसित करना आवश्यक है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बजट प्रावधानों को समयबद्ध तरीके से लागू किया गया तो गुरुग्राम की तस्वीर बदल सकती है और यह क्षेत्र प्रदेश की आर्थिक प्रगति का प्रमुख इंजन बनकर उभरेगा।




